RANCHI/GIRIDIH : जिले के पचंबा थाना क्षेत्र में गुरुवार को बालू लदे वाहन की चपेट में आने से दो छात्राएं घायल हो गईं. हादसे के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया. मौके पर पहुंचे छात्रों ने बालू लदे वाहनों को रोककर विरोध जताया. छात्रों ने घायल छात्राओं के समुचित इलाज और उचित मुआवजे की मांग की. जानकारी के मुताबिक, घायल छात्राओं की पहचान वर्षा और काजल के रूप में हुई है. दोनों पचंबा से झंडा मैदान की ओर जा रही थीं. इसी दौरान बालू लदे एक वाहन की चपेट में आने से वे घायल हो गईं.

हादसे के बाद छात्रों ने रोकी बालू की गाड़ियां
घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे छात्र आक्रोशित हो गए. उन्होंने बालू लदे वाहनों को रोककर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस दौरान बालू खाली करके लौट रहे पांच से छह वाहनों को भी रोके जाने की सूचना है. प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि घायल छात्राओं को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए. छात्रों ने घटना के बाद बालू लदे वाहनों की आवाजाही को लेकर भी सवाल उठाए.

बालू की कथित अवैध निकासी को लेकर उठे सवाल
इस हादसे के बाद गिरिडीह में बालू के परिवहन और कथित अवैध निकासी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है. छात्रों का सवाल है कि जब झारखंड में अवैध बालू निकासी पर रोक लगाने की बात कही जाती है, तो फिर सड़कों पर बालू लदे वाहनों का परिचालन कैसे हो रहा है. हालांकि, बालू लदे वाहन के अवैध परिचालन की पुष्टि जांच और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही हो सकती है. ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित वाहन के कागजात और बालू के परिवहन से जुड़े नियमों की जांच की जाती है या नहीं.

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजर
पचंबा में हुई इस घटना ने सड़क सुरक्षा और बालू परिवहन की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब घायल छात्राओं के इलाज और मुआवजे की मांग पर प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर नजर रहेगी. साथ ही, हादसे की परिस्थितियों की जांच और बालू लदे वाहनों के परिचालन को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रशासन का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा.
