RANCHI:मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा JSSC-CGL और TDPL एजेंसी के जरिए आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलनकारी छात्रों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने तेज बारिश के बीच एक-दूसरे को गले लगाया और मिठाई बांटकर सरकार के फैसले का स्वागत किया।
छात्र नेताओं ने सरकार के इस निर्णय को लंबे संघर्ष और एकजुटता की पहली बड़ी सफलता बताया है। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया है कि परीक्षा रद्द होना आंदोलन का अंत नहीं है। जब तक उनकी बाकी मांगें पूरी नहीं होतीं, छात्र आंदोलन स्थल से हटने के मूड में नहीं हैं।
सीबीआई जांच के आदेश तक जारी रहेगा आंदोलन
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने आंदोलन में साथ देने वाले छात्रों, समर्थकों और मीडिया का आभार जताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द करने की मांग सरकार ने मान ली है, लेकिन कथित धांधली की निष्पक्ष सीबीआई जांच अभी बाकी है।
उन्होंने कहा कि जब तक सीबीआई जांच का आदेश नहीं दिया जाता, तब तक छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपना धरना जारी रखेंगे। उनके मुताबिक, आंदोलन की अगली दिशा इसी मांग को लेकर तय की जाएगी।
पीयूष कुमार बोले- अभी संघर्ष का एक चरण पूरा हुआ
छात्र नेता पीयूष कुमार ने भी सरकार के फैसले को आंदोलन की पहली सफलता बताया। उन्होंने कहा कि अभी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से जवाब और कार्रवाई की अपेक्षा है।
उन्होंने संकेत दिया कि छात्र नेता आगे पूरे घटनाक्रम की समीक्षा करेंगे और इसके बाद आंदोलन की अगली रणनीति सार्वजनिक की जाएगी। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवादित फैसलों और अन्य मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा- सुधार के लिए अभी लंबी लड़ाई बाकी
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबे समय तक संघर्ष किया है। सरकार द्वारा परीक्षा रद्द करने का फैसला छात्रों की आवाज पर ध्यान दिए जाने का संकेत है।
उन्होंने आंदोलन के दौरान सहयोग करने वाले सरकार, पुलिस-प्रशासन, मीडिया और अभिभावकों के प्रति आभार जताया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ परीक्षा रद्द होने से छात्रों की सभी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
देवेंद्र नाथ महतो के अनुसार, भर्ती और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए अभी कानूनी और रणनीतिक स्तर पर लंबी लड़ाई बाकी है। आंदोलन की आगे की रूपरेखा जल्द ही छात्रों के सामने रखी जाएगी।
फिलहाल छात्रों का रुख साफ है—परीक्षा रद्द होने पर जश्न जरूर है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
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