RANCHI : झारखंड की राजनीति में एक बार फिर प्रशासनिक कार्यशैली और तबादला नीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं. खिजरी विधायक Rajesh Kachhap ने रांची एसएसपी की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
इसे भी पढ़ें : रांची पुलिस विभाग में SSP का बड़ा एक्शन 15 अधिकारियों का तबादला
विधायक ने आदिवासी अधिकारियों के लगातार तबादले, थानों में थानेदारों की पोस्टिंग और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर अपनी ही सरकार की नीतियों पर नाराजगी जाहिर की है.
विधायक राजेश कच्छप ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि राज्य में योग्य और ईमानदार आदिवासी अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों से हटाकर लूप लाइन में भेजा जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे आदिवासी समाज के बीच गलत संदेश जा रहा है.
उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे तबादलों की वजह से प्रशासनिक स्थिरता प्रभावित हो रही है. इसका सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है. कई योजनाएं धीमी हो गई हैं और सरकारी कामकाज में भी असंतुलन देखने को मिल रहा है.
इसे भी पढ़ें : SSC GD परीक्षा में हाईटेक नकल का खुलासा, सेंटर से 50 मीटर दूर बैठकर सिस्टम हैक कर रहे थे आरोपी
विधायक ने थानेदारों की पोस्टिंग प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय थानों में प्रभारी नियुक्ति के दौरान पारदर्शिता का अभाव है.
योग्य पुलिस अधिकारियों को नजरअंदाज किया जा रहा है जबकि कुछ चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है. उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
राजेश कच्छप ने कहा कि गलत प्रशासनिक फैसलों और थानों की कार्यशैली को लेकर खिजरी समेत राज्यभर में लोगों के बीच नाराजगी बढ़ रही है. जनता खुद को उपेक्षित महसूस कर रही है और प्रशासन पर भरोसा कमजोर पड़ रहा है.
उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है. विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आदिवासी अधिकारियों के साथ न्याय नहीं हुआ और पोस्टिंग प्रक्रिया में सुधार नहीं किया गया, तो वे इस मुद्दे को सदन से लेकर सड़क तक और मजबूती से उठाएंगे.
इसे भी पढ़ें : झारखंड में टाइफाइड पर बड़ी पहल, सेंटिनल सर्विलांस शुरू करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की अहम वर्कशॉप
