RANCHI : JPSC-JSSC घोटाले की जांच के बीच कथित परीक्षा माफिया मिथिलेश सिंह की संपत्तियों को लेकर एक शिकायत सामने आई है. शिकायत के साथ लगाए गए दस्तावेजों और तस्वीरों में दिल्ली, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान और हरियाणा समेत कई राज्यों में संपत्ति होने का दावा किया गया है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न-पत्र लीक और OMR में कथित छेड़छाड़ के जरिए अर्जित रकम को अलग-अलग शहरों में जमीन, मकान, फ्लैट और व्यावसायिक संपत्तियों में लगाया गया. दावा किया गया है कि मिथिलेश सिंह और उसके सहयोगियों के नेटवर्क ने 300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की है. हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
दिल्ली में नया फ्लैट तस्वीरों ने बढ़ाई संपत्ति को लेकर चर्चा
शिकायत के साथ सामने आई तस्वीरों में दिल्ली की एक संपत्ति का भी उल्लेख है. शिकायतकर्ता का दावा है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल दिल्ली समेत कई शहरों में संपत्तियां खरीदने में किया गया. दस्तावेजों में दिल्ली में मकान और जमीन के अलावा रांची तथा अन्य शहरों में भी जमीन, फ्लैट और मकान होने का दावा किया गया है.

पटना में B.Ed कॉलेज और पुणे में होटल का दावा
शिकायत में मिथिलेश सिंह और उससे जुड़े लोगों की कथित संपत्तियों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है. इसमें पटना में B.Ed कॉलेज, रांची में जमीन और फ्लैट, दिल्ली में मकान और जमीन तथा मुंबई में फ्लैट और कार्यालय होने का दावा किया गया है. इसके अलावा शिकायतकर्ता ने मुंबई में तीन कंपनियां और पुणे तथा गोवा में होटल होने का भी दावा किया है. हरियाणा और राजस्थान में जमीन होने का भी उल्लेख दस्तावेजों में किया गया है.
700 से ज्यादा अभ्यर्थियों तक पेपर पहुंचाने का आरोप
शिकायत में वर्ष 2022 की झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की जूनियर इंजीनियर परीक्षा का भी जिक्र है. आरोप है कि परीक्षा से करीब तीन दिन पहले प्रश्न-पत्र लीक हुआ और बिहार तथा झारखंड के करीब 700 अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया. प्रश्न-पत्र वायरल होने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी. शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले में मिथिलेश सिंह और उसके कथित नेटवर्क की भूमिका की जांच की मांग की है. इसके अलावा वर्ष 2024 में आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा के प्रश्न-पत्र को भी लीक कराने का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता का दावा है कि पेपर लीक के बाद इस परीक्षा को भी रद्द करना पड़ा.
कई राज्यों की परीक्षाओं से नेटवर्क जोड़ने का दावा
दस्तावेजों में बिहार और झारखंड के अलावा दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और तेलंगाना समेत कई राज्यों की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी का उल्लेख किया गया है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह नेटवर्क लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं को प्रभावित कर अभ्यर्थियों से पैसे वसूलने का काम करता रहा है. शिकायत में अरुण कुमार से जुड़े पुराने मामलों का भी उल्लेख किया गया है. इनमें वर्ष 2017 में बिहार में NTPC परीक्षा के प्रश्न-पत्र लीक और वर्ष 2019 में बिहार सिपाही भर्ती से जुड़े कथित आर्थिक गड़बड़ी के मामले शामिल हैं. इसके साथ ही मिथिलेश सिंह के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में दर्ज बताए गए मामलों का भी जिक्र किया गया है.
300 करोड़ की संपत्ति का दावा अब जांच पर टिकी नजर
पूरी शिकायत का सबसे बड़ा दावा 300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का है. शिकायतकर्ता के मुताबिक, परीक्षा में कथित पेपर लीक और OMR में कथित हेरफेर से अर्जित रकम से मिथिलेश सिंह और उसके नेटवर्क ने कई राज्यों में संपत्तियां बनाई हैं. दिल्ली, रांची, बिहार, मुंबई, पुणे, गोवा, राजस्थान और हरियाणा में जमीन, मकान, फ्लैट, होटल और व्यावसायिक संपत्तियों का दावा किया गया है. अब सवाल यह है कि शिकायत में किए गए इन दावों की जांच में कितनी सच्चाई सामने आती है. कथित संपत्तियों का वास्तविक मालिक कौन है. इन संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल रकम का स्रोत क्या था. और क्या इनका संबंध JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी से है. इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
इसे भी पढ़े : झारखंड में 5 सितंबर तक आंधी-बारिश के आसार, सितंबर के पहले सप्ताह तक सक्रिय रहेगा मानसून
