रांची /चतरा : झारखंड के चतरा जिले में पुलिस ने गैंगस्टर प्रिंस खान के गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो कथित सहयोगियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी गिरोह के लिए रंगदारी की रकम के लेन-देन, कारोबारियों की रेकी करने और शूटरों तक पैसे पहुंचाने का काम करते थे.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद अस्फाक आलम और सद्दाब अंसारी के रूप में हुई है. पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन और पैसों के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं. अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री की जांच की जा रही है, ताकि गिरोह के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा सके.
दिसंबर 2025 के रंगदारी मामले से जुड़ी है कार्रवाई
चतरा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनिमेष नैथानी ने बताया कि यह कार्रवाई दिसंबर 2025 में दर्ज एक रंगदारी के मामले की जांच के दौरान की गई है. पुलिस के अनुसार, एक बालू और पत्थर व्यवसायी से रंगदारी की मांग की गई थी. आरोप है कि जब व्यवसायी ने पैसे देने से इनकार किया, तो उस पर जानलेवा हमला करने की योजना भी बनाई गई थी. इसी मामले की जांच के दौरान दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आई.
हंटरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम-पिंडरा निवासी प्रेमचंद सिंह के लिखित आवेदन के आधार पर कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के विरुद्ध रंगदारी/फिरौती मांगने के आरोप में हंटरगंज थाना कांड संख्या-206/2025 दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक, चतरा के निर्देशानुसार जिले में संगठित अपराध एवं रंगदारी… pic.twitter.com/E820iFesii
— Chatra Police (@ChatraPolice) July 11, 2026
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
पुलिस का कहना है कि इस मामले में इससे पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. ताजा गिरफ्तारी को उसी जांच का हिस्सा बताया जा रहा है.अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
कारोबारियों से पुलिस की अपील
एसपी अनिमेष नैथानी ने जिले के व्यापारियों और कारोबारियों से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति की ओर से रंगदारी मांगी जाती है या धमकी दी जाती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें. उन्होंने कहा कि समय पर मिली जानकारी से ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करने और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखने में मदद मिलती है.
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गिरोह का नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ है और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं. अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.
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