झारखंड में चुनावी माहौल के बीच वोटर लिस्ट को लेकर सियासत गरमा गई है.झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर पश्चिम बंगाल के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए.सुप्रियो भट्टाचार्य ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में करीब 18 लाख वोटरों को केवल संदेह के आधार पर वोट देने से वंचित कर दिया गया और झामुमो ऐसी किसी भी कोशिश को झारखंड में सफल नहीं होने देगा.उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी मुस्तैदी के साथ हर गतिविधि पर नजर रखेगी और बंगाल जैसी “एसआईआर वाली कहानी” को यहां दोहराने नहीं दिया जाएगा
पश्चिम बंगाल का उदाहरण देकर भाजपा और चुनाव आयोग पर साधा निशाना

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि झारखंड में न तो एक भी वोटर का नाम कटने दिया जाएगा और न ही किसी फर्जी वोटर को जोड़ने दिया जाएगा.साथ ही आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की रणनीति पूरी तरह उजागर हो चुकी है और चुनाव आयोग के जरिए “कुटिल चाल” चली जा रही है, जिसे अब देश की जनता समझ चुकी है.झामुमो नेता ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि घर और मकानों की गणना करना चुनाव आयोग का काम नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारी रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया की होती है, जो जनगणना के जरिए होती है.ऐसे में चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर के माध्यम से घरों की गणना कराना संदेह पैदा करता है.
उन्होंने पूछा कि जब एक ही काम के लिए अलग संस्था मौजूद है, तो चुनाव आयोग यह प्रक्रिया क्यों कर रहा है? इसके पीछे की मंशा देश के सामने स्पष्ट होनी चाहिए.सुप्रियो भट्टाचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के जरिए यह जानने की कोशिश की जा रही है कि कौन सा घर किसे वोट देता है.
