RANCHI : झारखंड हाईकोर्ट की युवा अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में हाईकोर्ट ने अहम निर्देश दिया है. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वर्तमान जांच अधिकारी (IO) को बदलकर DSP रैंक के अधिकारी से जांच कराने को कहा है. इस मामले में मृतका के भाई देवजीत चक्रवर्ती की ओर से दायर क्रिमिनल रिट याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने अदालत के निर्देश का पालन करने पर सहमति जताई. इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए एक सप्ताह बाद की तारीख निर्धारित की. इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रंगोन मुखोपाध्याय की पीठ में हुई.
मृतका के भाई ने दायर की थी क्रिमिनल रिट
अनुष्का चक्रवर्ती की मौत के मामले में उनके भाई देवजीत चक्रवर्ती ने झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर की थी. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के महासचिव नवीन कुमार, विकास कुमार और अंशु कुमारी ने मृतका के परिजनों की ओर से पक्ष रखा. यह घटना हजारीबाग जिले के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र की बंगाली कॉलोनी स्थित गुप्ता कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट की है, जहां अनुष्का का शव बरामद किया गया था.
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
अनुष्का के पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने उनके पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए बेटी की मौत को हत्या बताया है. परिजनों का आरोप है कि अनुष्का को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और उनकी मौत को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई. हालांकि, ये परिजनों की ओर से लगाए गए आरोप हैं. मामले में मौत की वास्तविक परिस्थितियों का निर्धारण जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा.
सुसाइड नोट नहीं मिलने का याचिका में उल्लेख
याचिका में कहा गया है कि शुरुआती जांच के दौरान घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ था. फ्लैट का दरवाजा कोड लॉक से बंद होने और घटना के बाद मृतका के पति के संपर्क में नहीं होने की बात भी सामने रखी गई है. अनुष्का चक्रवर्ती और स्थानीय व्यवसायी कुशाग्र रुद्र ने करीब तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था. दोनों इसी फ्लैट में रह रहे थे.
अब DSP रैंक के अधिकारी करेंगे जांच
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब मामले की जांच DSP रैंक के अधिकारी से कराई जानी है. अदालत ने जांच अधिकारी बदलने का निर्देश देते हुए मामले की गंभीरता को ध्यान में रखा है. इस निर्देश के बाद मामले की अगली सुनवाई पर नजर रहेगी. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पुलिस मौत से जुड़े सभी सवालों की जांच किस तरह आगे बढ़ाती है.
