RANCHI : हजारीबाग नगर समाहरणालय के पास करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा 100 बेड का प्री-फैब्रिकेटेड हॉस्पिटल भवन अब बनकर तैयार हो गया है. झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड ने भवन को हैंडओवर भी कर दिया है. अब जल्द ही इस अस्पताल को शुरू करने पर विचार किया जा रहा है.
भवन के हैंडओवर होने के बाद हजारीबाग जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक और बड़ी सुविधा मिलने का रास्ता साफ हो गया है. अब रीजनल और स्टेट मलेरिया विभाग को इस प्री-फैब्रिकेटेड भवन में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है. इसके अलावा सदर CHC को भी इसी भवन में स्थानांतरित किया जाएगा.
चार ब्लॉक में बांटा गया 100 बेड का मलेरिया अस्पताल
100 बेड की सुविधा उपलब्ध होने से मलेरिया के मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा. मलेरिया विभाग के रीजनल और जिला कार्यालय भी इसी भवन से संचालित होंगे. मेडिसिन सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी यहां पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराई गई हैं. इससे मेडिकल कॉलेज अस्पताल का भार काफी कम होने की उम्मीद है. बताया गया कि अस्पताल को चार ब्लॉक में बांटा गया है. दोनों तरफ 50-50 बेड के वार्ड तैयार किए गए हैं, जबकि बीच में डॉक्टरों के चेंबर बनाए गए हैं.
अस्पताल में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं और मरीजों के लिए अलग-अलग बेड भी लगभग तैयार हो चुके हैं. मरीजों के लिए जरूरी व्यवस्था कर दी गई है. साथ ही अस्पताल में आवश्यक फर्नीचर भी लगा दिए गए हैं.
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मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर कम होगा मरीजों का दबाव
अस्पताल के लिए आवश्यक आधुनिक संसाधनों और सुविधाओं को यहां उपलब्ध कराया गया है. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग को 100 बेड के अस्पताल के रूप में भवन सौंप दिया गया है. इस भवन का उपयोग शुरू होने के बाद शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर मरीजों का दबाव कम होगा. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में वर्तमान में करीब 300 बेड हैं. वहीं रूम, मैटरनिटी वार्ड और शिशु वार्ड जैसे संवेदनशील वार्डों में क्षमता से अधिक मरीज होने की स्थिति बनी रहती है.
इस वजह से मरीजों, उनके अटेंडेंट और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बेड की कमी लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है. ऐसे में 100 बेड का यह नया अस्पताल शुरू होने से स्वास्थ्य व्यवस्था को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
कोविड के दौरान महसूस हुई थी ऐसे अस्पताल की जरूरत
बताया गया कि कोविड के दौरान सरकारी और गैर-सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में बेड की भारी समस्या सामने आई थी. कोरोना संक्रमण के समय इस तरह के अस्पताल की आवश्यकता महसूस हुई थी. इसी को ध्यान में रखते हुए 100 बेड के इस अस्पताल के निर्माण की योजना तैयार की गई थी. इसके निर्माण की जिम्मेदारी झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड को दी गई थी. अब भवन का निर्माण पूरा होने के बाद इसे हैंडओवर कर दिया गया है.
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डॉक्टर अशोक, सिविल सर्जन हजारीबाग ने कहा कि इस बिल्डिंग का उपयोग करने की तैयारी चल रही है. रीजनल और स्टेट मलेरिया डिपार्टमेंट को यहां शिफ्ट किया जाएगा. साथ ही सदर CHC को भी इसी बिल्डिंग में स्थानांतरित किया जाएगा. भवन को हैंडओवर लेने के बाद आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जाएंगी. इसके बाद 100 बेड वाले इस अस्पताल का उपयोग शुरू किया जा सकेगा.
