रांची : दिल्ली में छात्र आंदोलन और विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों की गूंज अब झारखंड की राजधानी रांची तक पहुंच गई है. छात्र आंदोलन के समर्थन और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए झारखंड कांग्रेस ने मंगलवार देर रात राजभवन मार्च निकाला. इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने स्वेच्छा से गिरफ्तारी दी.

कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन छात्रों की आवाज के समर्थन और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आयोजित किया गया. वहीं प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी भी की गई.
राजभवन मार्च में शामिल हुए कई वरिष्ठ नेता
राजभवन मार्च का नेतृत्व झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू ने किया. उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह, कांग्रेस की सह प्रभारी बेला प्रसाद, विधायक राजेश कच्छप सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए. मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैनर और पोस्टर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों ने छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया.
पुलिस ने हिरासत में लेकर कोतवाली थाना पहुंचाया
राजभवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक लिया. इसके बाद कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वेच्छा से गिरफ्तारी दी. पुलिस सभी को अपर बाजार स्थित कोतवाली थाना लेकर पहुंची.
थोड़ी ही देर में थाना परिसर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भर गया. लगातार नए कार्यकर्ताओं के पहुंचने से पुलिस और प्रशासन को व्यवस्था बनाए रखने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. इस दौरान पूरे इलाके में विरोध के नारे गूंजते रहे.
कांग्रेस ने क्या कहा
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देशभर में छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर दबाव बनाया जा रहा है. उनका आरोप था कि केंद्र सरकार असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों और युवाओं को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है. पार्टी उनके साथ खड़ी है और उनकी मांगों के समर्थन में आंदोलन जारी रखेगी.
केंद्र सरकार से की यह मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से सकारात्मक पहल करने की मांग की. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई. कांग्रेस का कहना है कि यदि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा.
संघर्ष जारी रखने का ऐलान
कोतवाली थाना परिसर में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल एक दिन का विरोध प्रदर्शन नहीं है. पार्टी सड़क से लेकर सदन तक छात्रों और युवाओं के मुद्दों को उठाती रहेगी. नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता और युवाओं को न्याय नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा.
राजनीतिक महत्व
दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच झारखंड कांग्रेस का यह राजभवन मार्च राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इसे विपक्ष की ओर से छात्र आंदोलन के समर्थन में एकजुटता दिखाने और केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि केंद्र सरकार की ओर से कांग्रेस के इन आरोपों और मांगों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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