पाकुड़ : कोयला परिवहन को लेकर जारी गतिरोध के बीच प्रशासन, कोल कंपनियों और ट्रांसपोर्टरों के बीच बुधवार को त्रिपक्षीय वार्ता बेनतीजा रही.एसडीओ साइमन मरांडी, महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार और पाकुड़ एसडीपीओ दयानंद आजाद के संयुक्त नेतृत्व में एसडीओ कार्यालय सभागार में आयोजित इस बैठक में डीबीएल और बीजीआर कोल कंपनियों के प्रतिनिधि तथा ट्रांसपोर्टर शामिल हुए. बैठक में ट्रांसपोर्टरों ने भाड़ा बढ़ोतरी सहित अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया, जबकि कोल कंपनी डीबीएल ने वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए दो माह का समय मांगा.हालांकि, ट्रांसपोर्टर अपनी मांगों पर अड़े रहे और तत्काल समाधान की बात पर जोर दिया.

गौरतलब है कि ट्रांसपोर्टर बीते शनिवार से अनिश्चितकालीन चक्का जाम पर हैं, जिसके कारण कोयला परिवहन पूरी तरह ठप हो गया है. ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि वर्ष 2022 के बाद से भाड़ा में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और संचालन लागत निकालना मुश्किल हो गया है। ट्रांसपोर्टरों ने हिसाब देते हुए कहा कि उनके वाहन चलाने पर प्रत्येक माह 1 लाख 84 हजार रुपए नुकसान हो रहा है. जिसे प्रशासन ने भी सही माना.कहा कि वर्तमान भाड़ा में वाहनों को चलाने से ज्यादा खड़ी रखने में कम नुकसान है.
वार्ता विफल होने के बाद ट्रांसपोर्टरों ने स्पष्ट किया कि वे जल्द ही एक व्यापक बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति तय करेंगे. तब तक चक्का जाम जारी रहेगा। प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन फिलहाल गतिरोध खत्म होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं.
