RANCHI : सवाल सीधा है- झारखंड में बीजेपी का अगला मिशन क्या है? क्या पार्टी सिर्फ कार्यकर्ताओं में जोश भर रही है, या फिर राज्य की सत्ता में वापसी के लिए अपनी रणनीति को धार दे रही है? रांची में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान ने इन सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है.
शनिवार को झारखंड प्रदेश कार्यसमिति की विस्तृत बैठक में नितिन नवीन ने साफ कहा कि बीजेपी का लक्ष्य पंचायत से लेकर संसद तक भगवा लहराना है. पश्चिम बंगाल में पार्टी के विस्तार का हवाला देते हुए उन्होंने कहा-बंगाल के बाद अब झारखंड की बारी है. यानी संदेश सिर्फ कार्यकर्ताओं के लिए नहीं, संदेश झारखंड की सियासत के लिए भी है.
बंगाल का मॉडल, झारखंड में कितनी कामयाबी?
नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल के कार्यकर्ताओं की मेहनत की तारीफ की और झारखंड में भी उसी तरह संगठन मजबूत करने का आह्वान किया. लेकिन सवाल यह है कि क्या बंगाल की राजनीतिक परिस्थितियों और झारखंड की सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों को एक ही तराजू पर तौला जा सकता है?
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— Loktantra19 (@theLoktantra19) October 24, 2026
झारखंड की राजनीति में आदिवासी पहचान, स्थानीय अधिकार, रोजगार, विस्थापन और खनिज संपदा जैसे मुद्दों की अहम भूमिका है. यहां बीजेपी के सामने चुनौती केवल संगठन को सक्रिय करने की नहीं, बल्कि इन सवालों पर अपनी राजनीतिक और नीतिगत स्थिति स्पष्ट करने की भी है.
मोदी की तारीफ, कांग्रेस पर सीधा हमला
अपने संबोधन में नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि देश के 140 करोड़ लोगों की उम्मीदें प्रधानमंत्री से जुड़ी हैं. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ देशी और विदेशी ताकतें भारत की प्रगति को रोकने की कोशिश कर रही हैं. इसके बाद निशाने पर आई कांग्रेस

नितिन नवीन ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया. आपातकाल और राष्ट्रपति शासन के पुराने फैसलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास पर सवाल उठाए. उन्होंने कांग्रेस पर एक परिवार के हितों को प्राथमिकता देने का आरोप भी लगाया. बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि यदि पार्टी को अनियमितताओं की शिकायत थी, तो उसने संबंधित जगहों पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया का कितना इस्तेमाल किया. हालांकि, कांग्रेस और राहुल गांधी पर लगाए गए आरोप बीजेपी अध्यक्ष के राजनीतिक बयान हैं.
झारखंड से जुड़ाव का जिक्र, बीजेपी सरकार नहीं होने पर जताया अफसोस
नितिन नवीन ने अपने संबोधन में झारखंड से अपने जुड़ाव का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जिस राज्य में उनका लंबा समय बीता और जिसे उन्होंने अपना जन्मस्थान बताया, वहां फिलहाल बीजेपी की सरकार नहीं है.उन्होंने इस स्थिति पर अफसोस जताया और कार्यकर्ताओं से राज्य में बीजेपी की सरकार बनाने के लिए संघर्ष करने की अपील की. लेकिन राजनीति में भावनात्मक अपील से आगे भी कई सवाल होते हैं.
झारखंड में बीजेपी की रणनीति क्या होगी? आदिवासी समाज के बीच भरोसा कैसे मजबूत किया जाएगा? युवाओं के रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, स्थानीय नीतियों और विकास के सवालों पर पार्टी क्या ठोस विकल्प पेश करेगी? और सबसे अहम संगठन के भीतर राष्ट्रीय नेतृत्व का संदेश बूथ स्तर तक कैसे पहुंचेगा? इन सवालों के जवाब ही बताएंगे कि ‘मिशन झारखंड’ के नारे को जमीन पर उतारने के लिए बीजेपी क्या कदम उठाती है. फिलहाल, रांची की बैठक से नितिन नवीन ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को स्पष्ट राजनीतिक लक्ष्य दिया है. अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बीजेपी की संगठनात्मक रणनीति और झारखंड से जुड़े मुद्दों पर उसका एजेंडा क्या होता है.
