RANCHI : रोजगार के लिए झारखंड छोड़ने वाले युवाओं के लिए क्या आने वाले सालों में तस्वीर बदल सकती है? रांची में प्रस्तावित IT पार्क को लेकर सरकार की तैयारी इसी उम्मीद को हवा दे रही है. योजना है कि राजधानी में करीब 100 एकड़ जमीन पर आधुनिक IT पार्क विकसित किया जाए. इसके पहले चरण में करीब 20 हजार रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है. साथ ही, झारखंड को IT, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग जैसे तकनीकी क्षेत्रों में निवेश का केंद्र बनाने की तैयारी भी चल रही है.
राज्य सरकार बेंगलुरु के IT इकोसिस्टम और निवेश मॉडल का अध्ययन करने के लिए अधिकारियों की टीम भेजने की योजना बना रही है. वहीं, 2029 तक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) को कार्यशील बनाने का लक्ष्य रखा गया है. हालांकि, इन योजनाओं को जमीन पर उतरने और रोजगार के वास्तविक अवसर बनने में अभी कई चरण पूरे करने होंगे.
बेंगलुरु मॉडल पर रांची को IT हब बनाने की तैयारी
झारखंड सरकार रांची को तकनीकी निवेश और IT सेवाओं के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है. इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की टीम बेंगलुरु जाकर वहां के IT पार्क, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश मॉडल का अध्ययन करेगी. इस दौरे से मिलने वाली जानकारी के आधार पर रांची में प्रस्तावित IT पार्क के विकास की रूपरेखा तैयार करने में मदद मिलेगी.
प्रस्तावित IT पार्क के लिए विधानसभा परिसर के आसपास करीब 100 एकड़ जमीन को संभावित स्थल के रूप में देखा जा रहा है. सरकार का उद्देश्य ऐसी सुविधाएं विकसित करना है, जहां IT कंपनियां अपना कामकाज शुरू कर सकें और तकनीकी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिल सके.
20 हजार से 75 हजार रोजगार तक का लक्ष्य
इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रोजगार है. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, IT पार्क के पहले चरण में करीब 20 हजार रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद अगले चरणों में रोजगार की क्षमता बढ़ाकर लगभग 75 हजार तक पहुंचाने की योजना बताई गई है.
अगर यह योजना तय लक्ष्यों के अनुरूप आगे बढ़ती है, तो स्थानीय युवाओं के लिए IT, सॉफ्टवेयर, डिजिटल सेवाओं और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो सकते हैं. लेकिन फिलहाल इन आंकड़ों को सरकारी लक्ष्य के रूप में ही देखा जाना चाहिए. वास्तविक रोजगार की संख्या निवेश, कंपनियों की भागीदारी और परियोजना के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी.
IT पार्क से आगे, सेमीकंडक्टर और AI पर भी नजर
सरकार की योजना केवल IT पार्क बनाने तक सीमित नहीं है. राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य उभरती तकनीकों में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई है. Google और Microsoft समेत वैश्विक टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ झारखंड सरकार की बैठकों में AI आधारित सेवाओं, डिजिटल व्यवस्था और तकनीकी सहयोग जैसे विषय उठे हैं. सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग की संभावनाओं पर भी चर्चा की खबरें सामने आई हैं. हालांकि, इन चर्चाओं को कंपनियों की ओर से IT पार्क में निवेश की अंतिम मंजूरी या पक्की प्रतिबद्धता नहीं माना जाना चाहिए.
2029 तक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर का लक्ष्य
झारखंड सरकार 2029 तक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी GCC को कार्यशील बनाने की दिशा में भी काम कर रही है. GCC ऐसे केंद्र होते हैं, जहां बड़ी कंपनियां अपने वैश्विक कारोबार से जुड़ी तकनीकी सेवाओं, डेटा विश्लेषण, वित्त, रिसर्च और अन्य व्यावसायिक कार्यों का संचालन करती हैं. अगर रांची में ऐसा केंद्र विकसित होता है, तो राज्य में उच्च कौशल वाले रोजगार और निजी निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. इसके लिए मजबूत डिजिटल नेटवर्क, प्रशिक्षित युवाओं, निवेशकों की भागीदारी और उद्योगों के अनुकूल माहौल की जरूरत होगी.
योजना जमीन पर कब उतरेगी?
रांची में IT पार्क, सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग और GCC को लेकर सरकार की तैयारी झारखंड के तकनीकी भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है. लेकिन असली परीक्षा इन योजनाओं को लागू करने की होगी. जमीन, बुनियादी ढांचा, निवेश, कंपनियों की भागीदारी और स्थानीय युवाओं के कौशल विकास पर काम कितना तेजी से आगे बढ़ता है, यही तय करेगा कि रोजगार के घोषित लक्ष्य कितने पूरे हो पाते हैं.
फिलहाल, रांची को IT हब बनाने की दिशा में योजना और निवेश की संभावनाओं पर काम जारी है. अब देखना होगा कि बेंगलुरु मॉडल से सीख लेकर झारखंड सरकार इसे कितनी तेजी से जमीन पर उतार पाती है और राज्य के युवाओं के लिए कितने वास्तविक अवसर पैदा होते हैं.
