RANCHI : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के एक बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए मंत्री ने ऐसी चेतावनी दी है, जिस पर अब सियासी घमासान शुरू हो गया है. इरफान अंसारी ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री ने समय रहते हालात नहीं संभाले, तो देश की स्थिति नेपाल और बांग्लादेश से भी बदतर हो सकती है. उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वहीं, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस बयान को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इरफान अंसारी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग कर दी है.
एक इशारा हुआ तो सड़कों पर उतरेंगे 40 लाख युवा!
दरअसल, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने यह बयान 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित ‘दिल्ली चलो’ रैली के दौरान दिया था. अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा. मंत्री ने दावा किया कि देश के किसान, मजदूर, दलित, आदिवासी और मुस्लिम समुदाय के लोग परेशान हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली में 40 लाख युवा सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं, लेकिन राहुल गांधी ने फिलहाल उन्हें रोक रखा है.
इरफान अंसारी ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि राहुल गांधी का एक इशारा मिलते ही लोग सड़कों पर उतर आएंगे और उन्हें रोकना किसी सेना के लिए भी आसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री ने समय रहते स्थिति को नहीं संभाला, तो देश में नेपाल और बांग्लादेश से भी बदतर हालात पैदा हो सकते हैं. मंत्री के इस बयान का वीडियो अब वायरल हो रहा है और इसी के बाद झारखंड की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है.
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर भी बरसे स्वास्थ्य मंत्री
इरफान अंसारी ने अपने भाषण में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की. मंत्री ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोगों के नाम ही मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे, तो चुनाव लड़ने का क्या औचित्य रह जाएगा?
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वे ज्ञानेश कुमार को एक सेकेंड भी पद पर देखना नहीं चाहते. अपने संबोधन में उन्होंने यहां तक कहा कि लोगों के सड़कों पर उतरने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त को देश छोड़कर भागना पड़ेगा. इरफान अंसारी ने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए उन्हें संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाला नेता बताया.
संजय सेठ का पलटवार, बोले- मुख्यमंत्री तुरंत करें बर्खास्त
स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इरफान अंसारी के बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे गैरजिम्मेदाराना बताया. संजय सेठ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को ऐसे बयान देने वाले मंत्री को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना चाहिए. भाजपा ने इस बयान को राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है.
एक बयान से बढ़ी सियासी तपिश, अब सरकार के रुख पर नजर
इरफान अंसारी के बयान के बाद झारखंड में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं. एक तरफ स्वास्थ्य मंत्री SIR प्रक्रिया और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा उनके बयान को देश की संवैधानिक व्यवस्था और राजनीतिक मर्यादा से जोड़कर मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग कर रही है.
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने मंत्री के बयान पर कोई प्रतिक्रिया देंगे? क्या भाजपा इस मुद्दे को लेकर सदन से सड़क तक सरकार को घेरने की तैयारी करेगी? फिलहाल इतना तय है कि इरफान अंसारी के इस बयान ने झारखंड की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है.
