GODDA / RANCHI :आस्था का महापर्व छठ नजदीक है. पर्व को लेकर जिले के विभिन्न इलाकों में छठ घाटों की साफ-सफाई और तैयारियां शुरू हो गई हैं. लेकिन गोड्डा जिले के बसंतराय प्रखंड में स्थित ऐतिहासिक तालाब की अब तक सफाई शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है.
बसंतराय का यह ऐतिहासिक तालाब छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था का केंद्र रहता है. यहां बड़ी संख्या में व्रती और श्रद्धालु भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने पहुंचते हैं. ऐसे में तालाब की साफ-सफाई और घाटों की व्यवस्था बेहद जरूरी है. इसके बावजूद अब तक सफाई कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों के बीच कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जिले के अन्य क्षेत्रों में छठ घाटों की सफाई शुरू हो चुकी है, तो बसंतराय के ऐतिहासिक तालाब की अनदेखी क्यों की जा रही है. छठ महापर्व में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. ऐसे में समय रहते सफाई नहीं होने पर व्रतियों और श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
लोगों ने प्रखंड प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से तालाब की जल्द से जल्द साफ-सफाई कराने की मांग की है. उनका कहना है कि छठ केवल एक पर्व नहीं, बल्कि लाखों लोगों की आस्था और विश्वास से जुड़ा महापर्व है. इसलिए श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षा का ध्यान रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है.
अब सवाल यह है कि बसंतराय के ऐतिहासिक तालाब की सफाई कब शुरू होगी? क्या प्रशासन छठ महापर्व से पहले घाटों को तैयार करा पाएगा या फिर इस बार भी श्रद्धालुओं को अव्यवस्था के बीच ही अर्घ्य अर्पित करना पड़ेगा? स्थानीय लोगों की निगाहें अब प्रशासन की पहल पर टिकी हैं.
