RANCHI : आजकल के बच्चे एक कंपनी में टिकते ही नहीं! ऑफिस में आपने भी किसी न किसी को ऐसा कहते जरूर सुना होगा. कोई कहता है कि आज के युवाओं में धैर्य नहीं है, तो कोई मानता है कि इन्हें बस ज्यादा पैसे कमाने की जल्दी है. लेकिन क्या सच में Gen Z के नौकरी छोड़ने की वजह सिर्फ पैसा है? या फिर इसके पीछे कुछ और भी है? आज के युवा नौकरी तो करना चाहते हैं, लेकिन सिर्फ सैलरी के लिए नहीं. वे चाहते हैं कि उन्हें काम सीखने का मौका मिले, उनकी मेहनत की कद्र हो और ऑफिस में उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाए.
सैलरी से ज्यादा जरूरी है ग्रोथ और सम्मान
Deloitte की 2025 की एक रिपोर्ट में 44 देशों के 23,482 लोगों को शामिल किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, आज के युवाओं के लिए अच्छी कमाई के साथ-साथ करियर में आगे बढ़ना और निजी जिंदगी के लिए समय निकालना भी जरूरी है. भारत में 94% Gen Z ने माना कि नौकरी के दौरान कुछ नया सीखना उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण है.
अब सोचिए, अगर कोई युवा रोज एक ही काम करता रहे और उसे कुछ नया सीखने का मौका ही न मिले, तो वह वहां कब तक रुकेगा? उसे लगेगा कि उसका समय तो बीत रहा है, लेकिन करियर आगे नहीं बढ़ रहा.

बॉस का व्यवहार भी बन सकता है नौकरी छोड़ने की वजह
कई बार नौकरी छोड़ने की वजह कम सैलरी नहीं, बल्कि ऑफिस का माहौल होता है. अगर बॉस हर छोटी बात पर डांटता है, मेहनत की कद्र नहीं होती या ऑफिस का काम घर तक पीछा नहीं छोड़ता, तो कर्मचारी परेशान हो सकता है.
आज के युवा चाहते हैं कि ऑफिस का काम ऑफिस तक रहे और उन्हें अपनी जिंदगी जीने का भी समय मिले.
असली वजह है बदलती सोच
यहां एक बड़ा फर्क पुरानी और नई पीढ़ी की सोच में भी देखने को मिलता है. पहले के कई लोग नौकरी को जिंदगी की सुरक्षा मानते थे. उनके लिए एक ही कंपनी में लंबे समय तक काम करना और स्थिर रहना जरूरी था. वहीं, आज के कई युवा नौकरी को सीखने, आगे बढ़ने और अपनी जिंदगी बेहतर बनाने का जरिया मानते हैं.
इसका मतलब यह नहीं कि पुरानी पीढ़ी गलत थी या नई पीढ़ी सही है. बस समय के साथ लोगों की जरूरतें और सोचने का तरीका बदल रहा है. जहां पहले नौकरी में टिके रहना बड़ी बात थी, वहीं आज काम के साथ अपनी खुशहाली और भविष्य को भी महत्व दिया जा रहा है.
तो क्या Gen Z में धैर्य की कमी है?
हर युवा एक जैसा नहीं होता. कुछ लोग बेहतर सैलरी के लिए नौकरी बदलते हैं, तो कुछ नई चीजें सीखने और आगे बढ़ने के लिए. वहीं, कई युवा एक ही कंपनी में लंबे समय तक काम करना भी पसंद करते हैं.
निष्कर्ष यही है कि नौकरी छोड़ने को सिर्फ कामचोरी या धैर्य की कमी से जोड़ना सही नहीं है. पीढ़ियों के बीच सोच का फर्क समझना जरूरी है. आखिर नौकरी सिर्फ सैलरी पाने का जरिया नहीं, बल्कि सम्मान, सीखने और बेहतर जिंदगी बनाने का एक रास्ता भी है.
