HAZARIBAGH : झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. हजारीबाग में जमीन विवाद के दौरान अंचल अधिकारी के साथ कथित तौर पर किए गए अमर्यादित व्यवहार को लेकर अब झारखंड प्रशासनिक सेवा एसोसिएशन ने कार्रवाई की मांग की है. सोमवार को हजारीबाग परिसदन में प्रशासनिक सेवा एसोसिएशन की बैठक हुई. बैठक में योगेंद्र साव के कथित बयान और अधिकारी के साथ हुए विवाद पर चर्चा की गई. संगठन ने इस तरह के व्यवहार की निंदा करते हुए मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने और गिरफ्तारी की मांग रखी.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, हजारीबाग के हुरहुरू इलाके में खासमहल जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन की टीम पहुंची थी. कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री योगेंद्र साव भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया. इस दौरान योगेंद्र साव और अंचल अधिकारी आशुतोष कुमार के बीच तीखी बहस होने की खबर सामने आई. प्रशासन का कहना है कि संबंधित जमीन सरकारी खासमहल भूमि है, जबकि योगेंद्र साव की ओर से जमीन पर अधिकार और दस्तावेज होने का दावा किया गया है.

प्रशासनिक सेवा एसोसिएशन ने क्या कहा?
बैठक के बाद हजारीबाग के असिस्टेंट कलेक्टर महेंद्र छोटन उरांव ने पत्रकारों से बात की. उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों के साथ अमर्यादित व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने बताया कि संगठन की जिला इकाई ने पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की है.
राजनीतिक विवाद भी बढ़ा
जमीन विवाद के बाद योगेंद्र साव के बयानों को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी विवाद सामने आया है. कांग्रेस ने उनके हालिया बयान पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. झामुमो की ओर से भी उनके बयान पर आपत्ति जताए जाने की खबर है. इस तरह मामला अब सिर्फ जमीन विवाद तक सीमित नहीं रह गया है. प्रशासनिक अधिकारियों के संगठन की कार्रवाई की मांग के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर विवाद बढ़ गया है.
आगे क्या होगा?
अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाती है या नहीं. साथ ही, योगेंद्र साव के खिलाफ गिरफ्तारी की मांग पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर भी नजर रहेगी.
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