DHANBAD/RANCHI : डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के अध्यक्ष जयराम महतो की अग्रिम जमानत याचिका पर धनबाद सिविल कोर्ट की MP-MLA की विशेष अदालत में सुनवाई पूरी हो गई है. इस मामले में अदालत अब 14 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगी. अदालत ने विधायक जयराम महतो समेत अन्य आरोपियों और सरकार का पक्ष सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब सभी की नजर अदालत के फैसले पर है कि जयराम महतो को अग्रिम जमानत मिलती है या उनकी याचिका खारिज होती है. जयराम महतो के साथ तीन अन्य आरोपियों सुशील मंडल उर्फ सुशील कुमार, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल ने भी अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया है. बुधवार को इन सभी की अग्रिम जमानत याचिकाओं पर MP-MLA की विशेष अदालत में सुनवाई हुई.
अदालत के आदेश पर पुलिस ने पेश की केस डायरी
सुनवाई के दौरान अदालत के पिछले आदेश के अनुपालन में पुलिस की ओर से केस डायरी प्रस्तुत की गई. इसके बाद अदालत ने जयराम महतो समेत अन्य आरोपियों की ओर से रखे गए पक्ष और सरकार की दलीलों को सुना. दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है. ऐसे में अब यह देखना अहम होगा कि अदालत विधायक जयराम महतो और अन्य आरोपियों को अग्रिम जमानत देती है या उनकी याचिका पर राहत देने से इनकार करती है.
फर्जी पैड और हस्ताक्षर के आरोप से शुरू हुआ पूरा विवाद
मामले की शुरुआत बरवाअड्डा थाना क्षेत्र की बड़ा पिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी की शिकायत से हुई थी। मुखिया ने JLKM नेता गणेश दास पर मुखिया के फर्जी पैड, मुहर और हस्ताक्षर के इस्तेमाल का आरोप लगाया था. इसके बाद 21 अगस्त को पुलिस गणेश दास को नोटिस देने उनके घर पहुंची. इस दौरान पुलिस और गणेश दास के बीच तीखी बहस और गाली-गलौज की स्थिति बनी. पुलिस ने बाद में गणेश दास को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया.
गिरफ्तारी के विरोध में थाना परिसर में हुआ विवाद
गणेश दास की गिरफ्तारी के विरोध में उसी दिन बरवाअड्डा थाना परिसर में विधायक जयराम महतो और मुखिया समर्थकों के बीच विवाद हो गया. इस दौरान तीखी बहस के साथ हाथापाई की भी बात सामने आई. घटना के बाद पुलिस की ओर से मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई.पहली प्राथमिकी विवाद के बाद दर्ज हुई, जबकि दूसरी प्राथमिकी थाना प्रभारी की शिकायत पर दर्ज की गई. थाना प्रभारी की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में विधायक जयराम महतो समेत 10 नामजद और 40-50 अज्ञात लोगों पर सरकारी काम में बाधा डालने समेत अन्य आरोप लगाए गए हैं.
थाना प्रभारी से बहस का ऑडियो भी हुआ था वायरल
इस पूरे विवाद के बीच विधायक जयराम महतो और थाना प्रभारी के बीच हुई कथित बातचीत का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जयराम महतो ने आरोप लगाया था कि थाना प्रभारी ने ऑडियो को एडिट कर वायरल किया है. अब इस मामले में MP-MLA की विशेष अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. अदालत का फैसला जयराम महतो और अन्य आरोपियों के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय करेगा.
