RANCHI : सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से झारखंड की राजनीति में शोक की लहर है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य सोनू के निधन पर गहरा दुख जताते हुए उन्हें अपना बड़ा भाई बताया. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा कर उनके साथ अपने लंबे संबंध और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद किया.
हेमंत सोरेन ने लिखा कि देर रात उन्हें अपने बड़े भाई और प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू के निधन का दुखद समाचार मिला. उन्होंने कहा कि इस खबर को स्वीकार कर पाना उनके लिए बेहद कठिन है. सोनू भैया का जाना उनके जीवन में ऐसी रिक्तता छोड़ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं.
देर रात अपने बड़े भाई, हमारे प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। इस खबर को स्वीकार कर पाना मेरे लिए बेहद कठिन है। सोनू भैया का जाना मेरे जीवन में ऐसी रिक्तता छोड़ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं।
सोनू भैया मेरे लिए सिर्फ एक वरिष्ठ साथी या… pic.twitter.com/rXEyPBQULo
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) September 6, 2026
“सोनू भैया सिर्फ राजनीतिक साथी नहीं, बड़े भाई की तरह थे”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य सोनू उनके लिए सिर्फ एक वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे. वे बड़े भाई की तरह थे, जो स्नेह देने के साथ मार्गदर्शन करते थे और हर कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहते थे. उन्होंने कहा कि सोनू के साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा उनके साथ रहेंगी.
हेमंत सोरेन ने अपने पोस्ट में सुदिव्य सोनू के झारखंड आंदोलन से जुड़े योगदान को भी याद किया. उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन के दौर से ही सुदिव्य सोनू स्मृति-शेष बाबा दिशोम गुरुजी के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे. उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक समर्पित सिपाही के रूप में सुदिव्य सोनू ने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया. झारखंडियत के प्रति उनका समर्पण और उनकी जुझारू भावना हमेशा याद की जाएगी.
