RANCHI : झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय है और मौसम विभाग ने 1 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है. इस बीच लगातार बारिश के कारण झारखंड के कुछ जिलों में अचानक बाढ़ यानी FLASH FLOOD का खतरा भी बढ़ गया है. खासकर निचले इलाकों, नदी-नालों के आसपास और जलजमाव वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक 1 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक, तेज हवा और वज्रपात की स्थिति बन सकती है. 2 सितंबर को भी भारी बारिश और वज्रपात का खतरा बना रहेगा. वहीं 3 और 4 सितंबर को गरज-चमक के साथ वज्रपात की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. 5 सितंबर को फिलहाल IMD की ओर से कोई चेतावनी नहीं
है.

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12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
1 सितंबर को बोकारो, सरायकेला-खरसावां, पलामू, गुमला, धनबाद, सिमडेगा, रामगढ़, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), चतरा, देवघर, हजारीबाग और दुमका में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
इन इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं और वज्रपात का खतरा भी रहेगा. कुछ स्थानों पर कम समय में अधिक बारिश होने से सड़कों, निचले इलाकों और जलनिकासी वाले क्षेत्रों में पानी तेजी से बढ़ सकता है. लगातार और तेज बारिश की स्थिति में निचले इलाकों, नदी-नालों के किनारे और पहले से जलजमाव वाले क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है. पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में भी तेज बारिश के बाद पानी का बहाव अचानक बढ़ने की आशंका रहती है.
ऐसे में लोगों को नदी, नाला, पुल-पुलिया और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचने की सलाह दी जाती है. जलजमाव वाली सड़कों पर वाहन चलाते समय भी विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है.
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1 से 4 सितंबर तक मौसम रहेगा सक्रिय
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक झारखंड में बारिश का दौर जारी रह सकता है. 1 सितंबर को भारी बारिश और वज्रपात, 2 सितंबर को भी भारी बारिश का खतरा, जबकि 3 और 4 सितंबर को गरज-चमक और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी.
मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है. FLASH FLOOD की स्थिति बनने पर तेज बहाव वाले पानी को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें.
