RANCHI: JPSC आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने के आरोपी विश्वजीत समादार की जमानत याचिका पर रांची की CJM अदालत में सुनवाई हुई. मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने रांची पुलिस से आरोपी का विस्तृत आपराधिक इतिहास पेश करने को कहा है. अब क्रिमिनल हिस्ट्री रिपोर्ट के आधार पर जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई होगी. बोकारो के थर्मल क्षेत्र के रहने वाले विश्वजीत समादार पर आरोप है कि उसने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ लोगों को भड़काने की कोशिश की. पुलिस की जांच के मुताबिक, आरोपी छात्र नहीं था, इसके बावजूद वह कथित राजनीतिक उद्देश्य से आंदोलन में शामिल हुआ. पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान विश्वजीत समादार ने आंदोलन में शामिल होने की बात स्वीकार की है. जांच में उसके राजनीतिक और संगठनात्मक जुड़ाव की भी पड़ताल की जा रही है.
छात्र आंदोलन में शामिल होने को लेकर उठे सवाल
जांच एजेंसी के अनुसार, विश्वजीत समादार वर्ष 2020 से 2022 तक राष्ट्रीय बजरंग दल का बोकारो जिला प्रमुख रहा. इसके बाद वर्ष 2022 से वह विश्व हिंदू परिषद से जुड़े पद पर रहा है. पुलिस का आरोप है कि आरोपी का उद्देश्य छात्र आंदोलन को राजनीतिक दिशा देकर राज्य सरकार के खिलाफ माहौल तैयार करना था. जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आंदोलन के दौरान उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और क्या उसके साथ अन्य लोग भी सक्रिय थे.
15 अगस्त के कार्यक्रम को लेकर साजिश का आरोप
पुलिस की जांच में आरोप लगाया गया है कि विश्वजीत समादार ने 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और उनके खिलाफ हिंसा भड़काने की योजना बनाई थी. जांच के मुताबिक, आरोपी 13 अगस्त को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचा. वहां उसने छात्रों के बीच भोजन बांटा और कथित तौर पर उन्हें उकसाने की कोशिश की. इसी दौरान उस पर मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक और जान से मारने की धमकी देने वाले बयान देने का आरोप है. पुलिस के अनुसार, उसने मुख्यमंत्री के सरकारी आवास में घुसकर तोड़फोड़ करने की धमकी भी दी थी.
14 अगस्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, 14 अगस्त को स्टेडियम में दोबारा छात्रों को कथित तौर पर भड़काने और स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान हिंसा की आशंका के बीच पुलिस ने विश्वजीत समादार को गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में रांची के कोतवाली थाना में कांड संख्या 177/2026 दर्ज किया गया है.
अब दूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच
विश्वजीत समादार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब कथित साजिश से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. जांच का फोकस इस बात पर भी है कि क्या आरोपी अकेले ही आंदोलन के दौरान सक्रिय था या उसके साथ कोई संगठित नेटवर्क भी काम कर रहा था. फिलहाल अदालत ने आरोपी का आपराधिक इतिहास मांगा है. पुलिस की रिपोर्ट आने के बाद ही जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई होगी. मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई और जांच पूरी होने के बाद ही होगी.
