रांची : झारखंड में मॉनसून की दस्तक के बाद मौसम का मिजाज अलग-अलग रंग दिखा रहा है. राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि पलामू, गढ़वा और चतरा में अगले तीन दिनों तक लू चलने की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग के अनुसार रांची और मेदिनीनगर के अधिकतम तापमान में 4.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है. वहीं चाईबासा का अधिकतम तापमान भी 4 डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ है. इसके बावजूद राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर बना हुआ है.

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सोमवार को राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई. सबसे अधिक 14 मिलीमीटर बारिश चाईबासा के जगन्नाथपुर में दर्ज की गई. इसके अलावा सिमडेगा में 10 मिलीमीटर, खूंटी में 4 मिलीमीटर, देवघर और सरायकेला में 2-2 मिलीमीटर, बहरागोड़ा में 2.5 मिलीमीटर तथा लोहरदगा में 1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। रांची में भी छिटपुट बारिश हुई.
तीन जिलों में लू की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने 23, 24 और 25 जून को पलामू, गढ़वा और चतरा में लू चलने की आशंका जताई है. वहीं राज्य के अन्य जिलों में 28 जून तक मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है.मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में मॉनसून और सक्रिय हो सकता है, जिससे कई इलाकों में अच्छी बारिश होने के आसार हैं.
तापमान में दिखा बदलाव
सोमवार को विभिन्न शहरों का अधिकतम तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया
- रांची : 28.4 डिग्री सेल्सियस
- जमशेदपुर : 31.8 डिग्री सेल्सियस
- चाईबासा : 30.8 डिग्री सेल्सियस
- बोकारो : 36.1 डिग्री सेल्सियस
- मेदिनीनगर : 37.1 डिग्री सेल्सियस
मॉनसून आने के बाद भी 60 प्रतिशत कम बारिश
मॉनसून की शुरुआत के बावजूद झारखंड में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी कम है. मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 1 जून से 22 जून 2026 के बीच राज्य में सामान्य वर्षापात 112.1 मिलीमीटर होना चाहिए था, लेकिन इस अवधि में केवल 44.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य से लगभग 60 प्रतिशत कम है.
राज्य के 24 जिलों में से 23 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है. सबसे खराब स्थिति गढ़वा की है, जहां सामान्य से 99 प्रतिशत कम वर्षापात रिकॉर्ड किया गया है.
हालांकि रांची इस मामले में अपवाद बना हुआ है. यहां 1 जून से 22 जून के बीच सामान्य वर्षापात 115.6 मिलीमीटर के मुकाबले 118.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है.
मौसम विभाग का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मॉनसून सक्रिय रहता है, तो वर्षा की कमी में कुछ हद तक सुधार हो सकता है.
