Nakib Ziya
RANCHI : झारखंड में ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जांच सीबीआई या न्यायिक निगरानी में कराने की मांग की है.
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मरांडी ने अपने पत्र में कहा है कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े और संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है. उन्होंने आशंका जताई कि यह प्रकरण राज्य के बहुचर्चित ‘चारा घोटाला’ जैसी स्थिति पैदा कर सकता है.
उन्होंने बताया कि जिस प्रकार चारा घोटाले में डोरंडा ट्रेजरी से करीब 140 करोड़ रुपये की अवैध निकासी हुई थी, उसी तरह अब झारखंड के कई जिलों में पुलिस विभाग के माध्यम से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आ रहे हैं.
पत्र के अनुसार बोकारो, हजारीबाग, साहिबगंज, गढ़वा और पलामू जिलों में अब तक 35 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध निकासी के संकेत मिले हैं. जांच आगे बढ़ने के साथ यह मामला कई जिलों तक फैलता दिख रहा है, जिससे राज्यव्यापी साजिश की आशंका गहरा गई है.
मरांडी ने इस मामले में पुलिस अधिकारियों की भूमिका, निगरानी तंत्र की विफलता और तकनीकी संस्थाओं की संभावित संलिप्तता की भी गहन जांच की मांग की है.
अब सवाल यह है कि क्या सरकार इस मामले में स्वतंत्र जांच एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपेगी और क्या यह मामला वास्तव में बड़े घोटाले का रूप लेगा.
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