BOKARO : आगामी 12 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा 2023 के सफल, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को शिबू सोरेन स्मृति भवन (टाउन हॉल) सभागार में एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया. इस बैठक की अध्यक्षता बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा एवं पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने संयुक्त रूप से की, जिसमें जिले के सभी परीक्षा केंद्राधीक्षक, दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे.
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एसओपी के अनुपालन पर दिया विशेष जोर
बैठक में उपायुक्त अजय नाथ झा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि बोकारो का नाम किसी भी परिस्थिति में खराब नहीं होना चाहिए, इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें.
उन्होंने सभी केंद्राधीक्षकों एवं दंडाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे एसओपी का गहन अध्ययन करें, उसमें वर्णित प्रत्येक बिंदु को समझें तथा अपने-अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी, ईमानदारी एवं सतर्कता के साथ निर्वहन करें.
होटलों एवं लॉज में विशेष छापेमारी अभियान
परीक्षा में कदाचार की संभावना को समाप्त करने हेतु उपायुक्त ने पुलिस अधीक्षक को परीक्षा से पूर्व जिले के सभी होटलों, लॉज एवं ठहराव स्थलों पर विशेष छापेमारी अभियान चलाने की बात कहीं.
इस अभियान का उद्देश्य बाहरी संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करना, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना एवं परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की साजिश को विफल करना है.

दंडाधिकारी–पुलिस समन्वय से होगी सख्त निगरानी
मौके पर पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता, कदाचार या बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है. इस दौरान बिना अनुमति प्राप्त कोई भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करेगा.
उन्होंने कहा कि, सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी. निर्देश दिया कि संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए, परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगने दी जाए. किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष/वरीय पदाधिकारी को अवगत कराते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
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27 परीक्षा केंद्रों पर 12,840 अभ्यर्थी होंगे शामिल
जिले में इस परीक्षा के लिए कुल 27 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 12,840 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे. परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी. प्रत्येक अभ्यर्थी की बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी. प्रवेश के समय सघन जांच (फ्रिस्किंग) की व्यवस्था की जाएगी. परीक्षा कक्ष में प्रतिबंधित सामग्री के प्रवेश पर पूर्णतः रोक रहेगी.

प्रवेश एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष निर्देश
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि परीक्षा केंद्रों पर ससमय गेट खोल दिए जाएं ताकि अभ्यर्थियों की सुगम एंट्री सुनिश्चित हो सके. पहचान पत्र की सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाए. महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग से महिला पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए. परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 लागू करने सहित आवश्यक कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाए.
कदाचार मुक्त परीक्षा कराना प्रशासन की प्रतिबद्धता
बैठक के अंत में उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से सभी अधिकारियों को यह संदेश दिया कि परीक्षा का आयोजन पूर्णतः कदाचारमुक्त, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लें और टीम वर्क के साथ कार्य करते हुए जिले की छवि को बेहतर बनाए रखें.
मौके पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी मो. सफीक आलम, एनडीसी प्रभाष दत्ता, डीएसओ शालिनी खालको, जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा, जिला शिक्षा अधीक्षक अतुल कुमार चौबे, एसडीओ बेरमो मुकेश मछुआ, डीपीआरओ रवि कुमार समेत अन्य उपस्थित थे.
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