Ritika
RANCHI : झारखण्ड में निर्भया कांड जैसी घटना घटी है. हैरानी की बात यह है कि इस घटना को हुए पांच दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक साफ तौर पर यह जानकारी सामने नहीं आ सकी है कि इस जघन्य अपराध का आरोपी कौन है. इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई भी नहीं दिख रही है. जिस मासूम बच्ची के साथ यह दरिंदगी हुई, उस बर्बरता को सुनकर किसी की भी रूह कांप जाएगी, बच्ची के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले हैं और उसके दांत तक तोड़े दिए गए थे, जिससे घटना की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है. हैवानियत का आलम यह था कि उसके गुप्तांग में लकड़ी का टुकड़ा डाल दिया गया था. घटनास्थल पर चारों ओर खून के धब्बे बिखरे पड़े थे. लेकिन अफसोस की बात है कि इस मुद्दे पर देश की बड़ी मीडिया भी लगभग खामोश दिखाई दे रही है. कई लोगों का मानना है कि शायद इसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि यह घटना रामनवमी के जुलूस से जुड़े मंगला जुलूस के दौरान घटी है.
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घटनाक्रम
दरअसल हजारीबाग की इंटरनेशनल रामनवमी पूरे देश ही नहीं बल्कि विश्वभर में प्रसिद्ध है. इसी रामनवमी जुलूस से कुछ दिन पहले निकले मंगला जुलूस के दौरान यह दर्दनाक घटना घटी. जानकारी के अनुसार विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंभा गांव में 12 वर्षीय एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी पत्थर से कूच कर बेरहमी से हत्या कर दी गई. प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार की रात बच्ची गांव में निकले मंगला जुलूस को देखने गई थी. देर रात तक जब वह घर वापस नहीं लौटी, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई. इसके बाद परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने उसकी खोजबीन शुरू की. पूरी रात तलाश करने के बावजूद बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका बुधवार सुबह गांव के कुछ लोगों ने स्कूल के पीछे बांस के झुरमुट के पास एक बच्ची का शव देखा. सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान लापता बच्ची के रूप में की.
क्रूरता की हद
यह दृश्य इतना भयावह था कि जिसने भी देखा उसकी रूह कांप गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. बच्ची के साथ न केवल दुष्कर्म किया गया, बल्कि उसकी पहचान छिपाने के लिए अत्यंत क्रूरता से हत्या कर दी गई. बच्ची के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले हैं और उसके दांत तक तोड़े दिए गए थे, जिससे घटना की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है. हैवानियत का आलम यह था कि उसके गुप्तांग में लकड़ी का टुकड़ा डाल दिया गया था. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई. जिला मुख्यालय से फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया.
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
मामले को लेकर अब राजनीति भी शुरू हो गई है. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मंगला जुलूस देखने गई एक गरीब मजदूर की बेटी के साथ दुष्कर्म और हत्या बेहद शर्मनाक और चिंताजनक घटना है. आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि चार दिन तक जिला प्रशासन पीड़ित परिवार तक नहीं पहुंचा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस मामले पर संवेदना व्यक्त नहीं की. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो भाजपा 29 मार्च को मशाल जुलूस और 30 मार्च को हजारीबाग बंद का आह्वान करेगी. वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इस दुखद घटना पर राजनीतिक रोटियां सेक रही है और सभी दलों को राजनीति छोड़कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने पर ध्यान देना चाहिए.
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जांच के लिए एसआइटी गठित
घटना की जांच के लिए डीजीपी तदाशा मिश्र ने एसआइटी का गठन कर दिया है. टीम में प्रशिक्षु आइपीएस नागरगोजे शुभम भाउसाहेब, एसडीपीओ विष्णुगढ़ बैजनाथ प्रसाद, विष्णुगढ़ थाना प्रभारी सपन कुमार महथा और मामले के अनुसंधानकर्ता को शामिल किया गया है. डीजीपी ने एसआइटी से एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी है. ज्ञात हो कि बच्ची मंगलवार को घर से मंगला जुलूस देखने निकली थी, लेकिन जुलूस देखने के बाद वह घर नहीं लौटी. बुधवार को नाबालिग का शव उसके घर से 200 मीटर दूर बांस की झाड़ियों में बरामद हुआ था. बताया जाता है कि आरोपियों ने बच्ची से दुष्कर्म किया और साक्ष्य छिपाने की नियत से उसकी हत्या कर शव को झाड़ी में फेंक दिया. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की.
