Vijay Thakur
GODDA : बोआरीजोर प्रखंड के राजाभीठा +2 विद्यालय में बन रहे आदिवासी छात्रावास को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. ग्राम पंचायत के मुखिया के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर कार्य का विरोध किया और कई गंभीर आरोप लगाए. ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है. भवन निर्माण के लिए उपयोग की जा रही सामग्री भी मानकों के अनुरूप नहीं है, जिससे भविष्य में भवन की मजबूती और सुरक्षा पर खतरा मंडरा सकता है. ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संवेदक (ठेकेदार) को अवगत कराने के बावजूद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. आरोप है कि संवेदक अपनी मनमर्जी से जल्दबाजी में कार्य करा रहा है.
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कार्यस्थल पर जेइ नदारद
सबसे बड़ी चिंता की बात यह बताई गई कि कार्य स्थल पर JE (जूनियर इंजीनियर) की नियमित उपस्थिति नहीं रहती है. तकनीकी निगरानी के अभाव में मजदूर और मिस्त्री अपने हिसाब से काम कर रहे हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता संदिग्ध हो गई है.

उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जब तक कार्य मानक के अनुरूप नहीं होता, तब तक इसे रोका जाए. साथ ही दोषी संवेदक पर कार्रवाई की भी मांग की गई है. ग्रामीणों ने साफ कहा कि यदि जल्द ही इस मामले में सुधार नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे. उत्तम मंडल, मनोज मंडल, दीपक मंडल, निशांत मंडल, यमुना भारती, संदीप रमानी, दौलत पंडित, देवांश विद्यार्थी, विशाल रमानी, सुभाष पंडित, लक्ष्मण कुमार, महेश मंडल, ओमप्रकाश पंडित सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे.
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