RANCHI : झारखंड में किडनी मरीजों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए 77 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों यानी CHC में डायलिसिस सुविधा शुरू करने का फैसला किया है. अभी तक सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा सीमित होने के कारण ज्यादातर मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता था. इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता था. लेकिन अब इस नई पहल से मरीजों को अपने ही इलाके में इलाज मिलने लगेगा और उन्हें बार-बार बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब राज्य में किडनी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
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स्वास्थ्य सुविधा ग्रास रूट तक जाने की उम्मीद
अगर अभी की स्थिति देखें तो झारखंड में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत जिला स्तर के सदर अस्पतालों में ही यह सुविधा उपलब्ध है और वह भी ज्यादातर PPP मोड पर संचालित होती है. इसके अलावा यह सुविधा मुख्य रूप से बीपीएल मरीजों तक सीमित रहती है. रिम्स और कुछ मेडिकल कॉलेजों को छोड़ दिया जाए तो अन्य सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा काफी कम है. ऐसे में 77 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में यह सेवा शुरू होने से स्वास्थ्य व्यवस्था का दायरा नीचे तक मजबूत होगा. CHC स्तर पर सुविधा मिलने का मतलब है कि गांव और छोटे कस्बों के मरीजों को भी समय पर इलाज मिल सकेगा. इससे न सिर्फ मरीजों की परेशानी कम होगी बल्कि उनकी जान बचने की संभावना भी बढ़ेगी.
किडनी के मरीजों का नियमित इलाज
इस योजना की खास बात यह है कि इन केंद्रों को चलाने का पूरा खर्च राज्य सरकार खुद उठाएगी. हालांकि अभी यह साफ नहीं हुआ है कि इनका संचालन पूरी तरह सरकारी मॉडल पर होगा या फिर PPP मोड को भी अपनाया जाएगा. लेकिन जो भी मॉडल हो, फोकस साफ है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाई जाए. यह कदम स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़े सुधार के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि अक्सर देखा गया है कि समय पर डायलिसिस न मिलने के कारण मरीजों की हालत गंभीर हो जाती है. अगर यह सुविधा नजदीक में ही उपलब्ध होगी तो मरीज नियमित इलाज करा पाएंगे और उनकी जीवन गुणवत्ता बेहतर होगी.
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अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी किडनी अस्पताल की योजना
इसी के साथ राज्य सरकार ने एक और बड़ा प्लान भी तैयार किया है जो भविष्य में झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है. रांची में 2200 बेड का एक अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी किडनी अस्पताल बनाने की योजना बनाई गई है. इस अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी. इसके लिए ऑस्ट्रेलिया के ऑस्टिन हॉस्पिटल एंड सर्विसेज के साथ तकनीकी सहयोग को लेकर बातचीत चल रही है. अगर यह परियोजना जमीन पर उतरती है तो झारखंड न सिर्फ अपने राज्य के मरीजों का इलाज करेगा बल्कि दूसरे राज्यों के मरीजों के लिए भी एक बड़ा मेडिकल हब बन सकता है. कुल मिलाकर देखें तो डायलिसिस सुविधा का विस्तार और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की योजना दोनों मिलकर किडनी मरीजों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आए हैं और यह राज्य के स्वास्थ्य सेक्टर में एक मजबूत बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है.
