Vijay Thakur
GODDA : महागामा प्रखंड अंतर्गत गढ़ी गांव से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां बीबी तबस्सुम खातून अपने तीन छोटे-छोटे बच्चों के साथ जर्जर झोपड़ी में जीवन बिताने को मजबूर है. परिवार पर इस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी करना मुश्किल हो गया है.
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पति अस्पताल में, बच्चे भूख से बेहाल
जानकारी के अनुसार, बीबी तबस्सुम के पति सज्जाद आलम, जो मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते थे, आंध्र प्रदेश में एक सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए. हादसे के बाद उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और वे फिलहाल सिलीगुड़ी के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं. पति के अस्पताल में भर्ती होने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है. घर में कमाई का कोई साधन नहीं बचा है, जिससे बच्चों के खाने-पीने से लेकर पढ़ाई तक पर संकट गहरा गया है. इसी बीच ईद-उल-फितर का त्योहार भी नजदीक है, लेकिन इस परिवार के लिए यह त्योहार खुशियां नहीं बल्कि चिंता लेकर आया है.
हर दरवाजे पर गुहार
जहां हर घर में ईद की तैयारियां चल रही हैं, वहीं तबस्सुम के घर चूल्हा जलाना भी मुश्किल हो गया है. हालांकि गांव के कुछ जागरूक और संवेदनशील लोग चंदा जुटाकर मदद करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह सहायता पर्याप्त नहीं है. बीबी तबस्सुम खातून ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, महागामा विधायक सह मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके परिवार को आर्थिक सहायता, पति के बेहतर इलाज और सुरक्षित आवास की व्यवस्था कराई जाए. स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से अपील की है कि इस गरीब और असहाय परिवार की स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मदद पहुंचाई जाए, ताकि इस ईद उनके घर भी खुशियों की एक किरण पहुंच सके.
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