RANCHI : आज कहानी किसी भ्रष्टाचार, राजनीति या फिर ब्यूरोक्रेट्स की नहीं. बल्कि आज बात होगी झारखंड के पिछड़े जिले गुमला के बेटे की. गुमला जिला के रायडीह प्रखंड के छोटे से गांव ऊपरखटंगा में रहता है 23 साल का संदीप उरांव. संदीप अपने घर में तीन भाइयों से सबसे छोटा है. अपने बड़े भाइयों की ही तरह वो भी चाहता है कि घर चलाने में वो अपने पिता की मदद करे. लेकिन वो लाचार है. पिछले करीब आठ सालों से वो बिस्तर पर ही पड़ा है. खाना खाने से लेकर शौच तक संदीप बिस्तर पर ही करता है. जिस जवानी में उसे अपने पिता की बैसाखी बनना था, उस उम्र में संदीप अपने पिता पर पूरी तरह से बोझ बना हुआ है. पिता रैनू उरांव के कंधों का सहारा ही संदीप के लिए सबकुछ है. पिता चाहते हैं तो वो खाना खा पाता है. एक जगह से दूसरी जगह जा पाता है, वरना वो बिस्तर पर ही पड़ा अपने पिता के आने की बाट जोहता रहता है.
इसे भी पढ़ें : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पोते का हिमाचल में निधन, दोस्तों के साथ घूमने गए थे वीर सोरेन
पैरेलाइसिस की है शिकायत, लाचार पिता है बेबस
संदीप के पिता रैनू उरांव बताते हैं कि 2019 से पहले सब ठीक था. अपने दोनों भाइयों की ही तरह संदीप भी चल और दौड़ सकता था. लेकिन अचानक से उसकी तबियत बिगड़ी और वो बिस्तर पर पड़ गया. रैनू पेशे से किसान है. लिहाजा उनकी आमदनी काफी कम है. वो लाचार हैं. चाह कर भी अपने बेटे का ईलाज किसी अच्छे जगह नहीं करा सकते हैं. वहां के लोगों का कहना है कि अच्छे ईलाज के अभाव में संदीप बिस्तर पर पड़ा है. अगर सही तरीके से इसका ईलाज हो तो कम से कम यह थोड़ा बहुत चल फिर सकेगा. लेकिन रैनू उरांव के पास इतने भी पैसे नहीं है कि वो रांची तक भी अपने बेटे के साथ पहुंच सके.

सरकारी मदद की आस में आंखें पथरा गयीं
संदीप के पिता बताते हैं कि उन्होंने सुना है कि संदीप जैसे गंभीर बीमार वाले मरीजों को सरकार की तरफ से मदद मिलती है. लेकिन संदीप की तरफ मदद का कोई सरकारी या गैरसरकारी हाथ नहीं आया है. वो मान चुके हैं कि अब मामूली ईलाज भी वो संदीप का नहीं करा सकते हैं. क्योंकि उनके पास इतने पैसे ही नहीं हैं. रैनू उरांव के दोनों बेटे भी बाहर मजदूरी का काम कर रहे हैं, लेकिन उन पैसों से घर के दूसरे काम भी पूरे नहीं पड़ते. ऐसे में रैनू उरांव अब भी सरकारी मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं. काश की रैनू उरांव लाचार आवाज प्रशासन या सरकारी की कानों तक पहुंचे और लाचार संदीप का कुछ भला हो सके.
इसे भी पढ़ें : ईडी ने कोयला घोटाले से जुड़े मामले में एलबी सिंह को पूछताछ के लिए सम्मन जारी किया
