RANCHI : सियासत में बयानबाजी हो और सड़क पर शक्ति प्रदर्शन न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों के विरोध में सोमवार को रांची में सियासी पारा चढ़ गया. बीजेपी ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए कांग्रेस कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. देखते ही देखते दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और राजधानी की सड़कें सियासी नारेबाजी से गूंज उठीं.

कांग्रेस दफ्तर के बाहर BJP का शक्ति प्रदर्शन
खड़गे की टिप्पणियों के विरोध में बीजेपी ने रांची में विरोध मार्च निकाला. प्रदर्शन में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. हाथों में पार्टी के झंडे और विरोध की तख्तियां लेकर पहुंचे बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की. बीजेपी नेताओं ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई कथित अमर्यादित टिप्पणियों के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सार्वजनिक रूप से माफी मांगें.
बीजेपी का आरोप है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है. पार्टी नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति में विरोध हो सकता है, लेकिन भाषा की मर्यादा बनी रहनी चाहिए.
बैरिकेडिंग के दोनों ओर नारेबाजी, पुलिस अलर्ट

प्रदर्शन को देखते हुए कांग्रेस कार्यालय के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया था और बैरिकेडिंग की गई थी. लेकिन बैरिकेडिंग के दोनों ओर बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी शुरू हो गई. एक तरफ बीजेपी कार्यकर्ता कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, तो दूसरी तरफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी जवाबी नारेबाजी की. इससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई. हालात को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस को सतर्क रहना पड़ा.
बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत और अमर्यादित टिप्पणियां करना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है. बीजेपी नेताओं ने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस से अपने बयानों पर जवाब देने और राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की मांग की.
बयानबाजी से सड़क तक पहुंची सियासी लड़ाई

मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिख रहा है. रांची में बीजेपी के प्रदर्शन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जवाबी नारेबाजी ने दोनों दलों के बीच बढ़ती तल्खी को सामने ला दिया. अब देखना होगा कि यह सियासी लड़ाई बयानबाजी तक सीमित रहती है या आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति में इसका असर और देखने को मिलता है.
