RANCHI : हजारीबाग की राजनीति इन दिनों भाजपा के दो बड़े चेहरों के बीच बढ़ती तल्खी को लेकर चर्चा में है. सदर विधायक प्रदीप प्रसाद और सांसद मनीष जायसवाल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है. हालात ऐसे बन गए हैं कि दोनों नेताओं के रिश्तों में आई दूरी अब खुलकर सामने दिखाई देने लगी है. हाल ही में सांसद मनीष जायसवाल ने विधायक प्रदीप प्रसाद को “उदंड” बताते हुए उन्हें छोटे भाई की तरह नसीहत दी थी. इसके जवाब में प्रदीप प्रसाद ने सांसद पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “धृतराष्ट्र” की संज्ञा दे दी. विधायक ने कहा कि अब समय आ गया है कि सांसद आंखों से पट्टी हटाकर हस्तिनापुर यानी हजारीबाग की वास्तविक स्थिति देखें.
इसे भी पढ़े : रांची रेल मंडल का बड़ा फैसला, 7 ट्रेनों में स्थायी रूप से जुड़ेंगे 20 अतिरिक्त कोच

गीता हाथ में लेकर बोले विधायक- मैं सनातनी हूं, झूठ नहीं बोलूंगा
प्रेस वार्ता के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने हाथ में गीता लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि वह सनातनी हैं और झूठ नहीं बोलते. विधायक ने सांसद मनीष जायसवाल और हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन पर कई गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना था कि क्रिकेट एसोसिएशन कुछ खास लोगों के प्रभाव में काम कर रहा है और खेल संस्था को व्यक्ति विशेष को खुश करने का माध्यम बना दिया गया है. पूरा विवाद हजारीबाग के संजय सिंह क्रिकेट स्टेडियम में हुए एक फ्रेंडली मैच के बाद शुरू हुआ था. प्रदीप प्रसाद ने आरोप लगाया था कि उन्हें स्टेडियम में लगातार अपमानित किया जाता है. उन्होंने कहा कि मैच में शामिल किए जाने के बावजूद उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई और पूछने पर भी टालमटोल किया गया. इसी नाराजगी के बाद विधायक ने स्टेडियम में मैच नहीं होने देने तक की बात कह दी थी. इसके बाद से जिले की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई.
इसे भी पढ़े : झारखंड में आग उगल रहा मौसम, कई जिलों में 40 डिग्री पार तापमान
इस विवाद के बीच सांसद मनीष जायसवाल ने भी बयान देते हुए कहा था कि अगर छोटा भाई उदंड हो जाए तो वह उसका पैर पकड़ने वालों में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि छोटे भाई को भी बड़े भाई का सम्मान करना चाहिए. हालांकि सांसद ने यह भी कहा था कि क्रिकेट और खिलाड़ियों के विकास के लिए जरूरत पड़ी तो वह पैर पकड़ने से भी पीछे नहीं हटेंगे. रिश्तों में खटास पर उन्होंने कहा कि अगर प्रदीप प्रसाद आएंगे तो वह उन्हें गले भी लगाएंगे. प्रदीप प्रसाद ने सांसद पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर हस्तिनापुर को बचाना है तो धृतराष्ट्र बने लोगों को आंखें खोलनी होंगी. उन्होंने आरोप लगाया कि हजारीबाग की कई गरिमामयी जगहों पर व्यक्ति विशेष का कब्जा बढ़ता जा रहा है. विधायक ने यह भी कहा कि खेल और खिलाड़ियों के साथ राजनीति नहीं होने दी जाएगी और इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.
क्रिकेट एसोसिएशन पर एकाधिकार का आरोप
विधायक ने हजारीबाग क्रिकेट एसोसिएशन पर एकाधिकार का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग सांसद के पक्ष में नहीं होते, उन्हें सदस्य तक नहीं बनने दिया जाता. उन्होंने दावा किया कि भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह और अभिमन्यु प्रसाद जैसे लोग सदस्य बनना चाहते थे, लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया गया. सांसद और विधायक के बीच बढ़ती बयानबाजी ने हजारीबाग की सियासत को गरमा दिया है. अब देखना होगा कि भाजपा संगठन इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है या यह टकराव आने वाले दिनों में और गहराता है.
