RANCHI:झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। राजधानी रांची में कई दिनों से चल रहे इस विरोध-प्रदर्शन के बीच आंदोलन के उग्र होते स्वरूप को देखते हुए झारखंड सरकार ने छात्रों से एक बार फिर बातचीत करने का फैसला किया है।

झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। राजधानी रांची में कई दिनों से चल रहे इस विरोध-प्रदर्शन के बीच आंदोलन के उग्र होते स्वरूप को देखते हुए झारखंड सरकार ने छात्रों से एक बार फिर बातचीत करने का फैसला किया है।
इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रांची में तिरंगा यात्रा निकालने के बाद JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने का ऐलान किया था। इसके बाद सरकार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को सोमवार, 17 अगस्त को बातचीत के लिए बुलाया है।
कानूनी सलाहकार के साथ बातचीत में शामिल होंगे छात्र
छात्रों से नए सिरे से बातचीत का फैसला उस समय लिया गया, जब सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) और ADM (लॉ एंड ऑर्डर) ने प्रदर्शन स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों के साथ बैठक की।
अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को सोमवार को दोपहर 2 बजे बातचीत के लिए बुलाया गया है। खास बात यह है कि छात्र इस बैठक में अपने कानूनी सलाहकार के साथ शामिल हो सकते हैं।इससे पहले झारखंड सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच इस मुद्दे पर छह दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
छात्रों ने सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार किया
JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने सरकार की ओर से नए सिरे से बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। मंच की ओर से स्पष्ट किया गया है कि छात्र बातचीत के लिए जरूर जाएंगे, लेकिन अपनी प्रमुख मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।
छात्रों ने सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार किया
JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने सरकार की ओर से नए सिरे से बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। मंच की ओर से स्पष्ट किया गया है कि छात्र बातचीत के लिए जरूर जाएंगे, लेकिन अपनी प्रमुख मांगों से पीछे नहीं हटेंगे
मंच के नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि सरकार के साथ होने वाली बातचीत में छात्रों के कानूनी सलाहकार भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि छात्र बातचीत के जरिए इस पूरे विवाद का समाधान चाहते हैं।
दो प्रमुख मांगों पर अडिग हैं छात्र
रवींद्र पासवान के मुताबिक, छात्रों की दो प्रमुख मांगें हैं:
- भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराई जाए।
- JSSC-CGL (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तर) परीक्षा को रद्द किया जाए।
छात्र संगठन का कहना है कि इन दोनों मांगों को लेकर उनका रुख स्पष्ट है और बातचीत के दौरान भी वे इन्हीं मांगों को प्रमुखता से उठाएंगे।
आज तय होगा छात्रों का प्रतिनिधिमंडल
रवींद्र पासवान ने बताया कि सरकार के पैनल के साथ बातचीत के लिए छात्रों का प्रतिनिधिमंडल कितना बड़ा होगा और उसमें कौन-कौन शामिल होंगे, इसकी घोषणा सोमवार यानी 17 अगस्त को की जाएगी।
गौरतलब है कि सरकार और छात्रों के बीच 9 अगस्त को हुई बातचीत के अंतिम दौर में भी कोई सहमति नहीं बन सकी थी। रविवार को छात्रों के आंदोलन का 23वां दिन था।
अब सभी की नजरें 17 अगस्त को होने वाली इस नई बैठक पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि बातचीत के दौरान छात्रों की मांगों और सरकार के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।
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