RANCHI : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार को विशेष विमान से दिल्ली रवाना हो गए. मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से मिली जानकारी के अनुसार, वह 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की ओर से आयोजित ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली में शामिल होंगे. इस महारैली में विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने और कथित अनियमितताओं के मुद्दे को उठाएंगे.
मुख्यमंत्री के साथ उनकी पत्नी और गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन भी दिल्ली गई हैं. उनके अलावा मुख्य सचिव अविनाश कुमार और सुरक्षा पदाधिकारी अजय कुमार भी विशेष विमान में मौजूद थे. इंडिया गठबंधन की इस महारैली को विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है.
एसआईआर के मुद्दे पर केंद्र को घेरने की तैयारी
महारैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर है. विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं और इसमें अनियमितताओं की आशंका है. इसी मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे हैं. राहुल गांधी लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से महारैली में शामिल होने की अपील कर रहे हैं. उन्होंने इसे किसी एक राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं, बल्कि नागरिकों के मताधिकार से जुड़ा सवाल बताया है.
25 और 26 नवंबर को झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र
एसआईआर का मुद्दा झारखंड की राजनीति में भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है. इस विषय पर चर्चा के लिए 25 और 26 नवंबर को झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाना है. इस सत्र में एसआईआर प्रक्रिया की कथित खामियों और खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम (एमएमडीआर) से जुड़े वित्तीय नुकसान के मुद्दे पर चर्चा प्रस्तावित है.
सरकार की योजना है कि चर्चा के बाद इस संबंध में प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाए. ऐसे में दिल्ली की महारैली में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी को झारखंड में विपक्षी गठबंधन की राजनीतिक रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है.
दिल्ली के बाद सिंगापुर जा सकते हैं मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली दौरे के दौरान एक और चर्चा है. सूत्रों के मुताबिक, उनके सिंगापुर जाने की भी संभावना है. बताया जा रहा है कि उनके छोटे भाई और दुमका के विधायक बसंत सोरेन वहां उपचार करा रहे हैं. इसी वजह से बसंत सोरेन अपनी मां के निधन के बावजूद अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए थे.
हाल के दिनों में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और जदयू नेता सरयू राय ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर बसंत सोरेन के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी. हालांकि, मुख्यमंत्री के सिंगापुर जाने को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
झारखंड से 12 हजार कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने का दावा
महारैली को सफल बनाने के लिए झारखंड कांग्रेस भी जुटी हुई है. पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचने लगे हैं. 29 अक्टूबर को कृषि मंत्री और कांग्रेस नेत्री शिल्पी नेहा तिर्की तथा कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने समर्थकों को बसों के माध्यम से दिल्ली रवाना किया था. प्रदेश कांग्रेस का दावा है कि झारखंड से करीब 12 हजार कार्यकर्ता इस महारैली में शामिल होने के लिए दिल्ली जाएंगे. कांग्रेस के लिए यह रैली केवल एसआईआर के खिलाफ विरोध दर्ज कराने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि विपक्षी एकजुटता दिखाने का अवसर भी है.
राहुल गांधी ने दिया ‘चलो दिल्ली’ का नारा
महारैली को लेकर राहुल गांधी सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय हैं. उन्होंने लोगों से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचने की अपील की है. राहुल गांधी का कहना है कि यह किसी एक राजनीतिक दल, जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र का आंदोलन नहीं, बल्कि हर भारतीय के अधिकारों से जुड़ा सवाल है. उन्होंने सभी लोगों से बिना किसी भेदभाव के इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है.
अब निगाहें 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इस महारैली पर हैं. खास तौर पर यह देखना दिलचस्प होगा कि हेमंत सोरेन की मौजूदगी और झारखंड से कार्यकर्ताओं की भागीदारी के जरिए इंडिया गठबंधन एसआईआर के मुद्दे को कितना बड़ा राजनीतिक संदेश दे पाता है.
