LATEHAR : झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने 20 लाख रुपये के इनामी भाकपा माओवादी के रीजनल कमेटी सदस्य रवींद्र गंझू को लातेहार से गिरफ्तार कर लिया है.
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झारखंड पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है.गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक AK-47 राइफल और बड़ी संख्या में गोलियां बरामद की गई हैं.
रवींद्र गंझू लंबे समय से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था. उस पर झारखंड सरकार ने 15 लाख रुपये और NIA ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.
कई संगीन मामलों में उसकी तलाश थी और वह भूमिगत होकर संगठन की गतिविधियां चला रहा था.रवींद्र गंझू का नाम लुकैया एंबुश कांड के बाद सबसे ज्यादा चर्चा में आया था.
उसने लोहरदगा-लातेहार सीमा के लुकैया इलाके में सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला कराया था, जिसमें पुलिस के 4 जवान शहीद हो गए थे.
इस घटना के बाद फरवरी 2022 में उसकी गिरफ्तारी के लिए “डबल बुल ऑपरेशन” चलाया गया था, लेकिन वह फरार हो गया था.
पुलिस के अनुसार 2019 से पहले लातेहार, लोहरदगा और रांची के मैक्लूस्कीगंज क्षेत्र में हुए अधिकांश बड़े माओवादी हमलों में उसकी अहम भूमिका थी.
लातेहार और लोहरदगा इलाके में उसका खासा दबदबा था. बताया जा रहा है कि इलाके में सक्रिय शीर्ष माओवादी नेताओं में वह अकेला बचा हुआ था.
NIA ने 2023 में चंदवा के बांझीटोला में लेवी के पैसों से बने उसके पक्के मकान को भी जब्त किया था.रवींद्र गंझू की गिरफ्तारी को झारखंड पुलिस की नक्सल विरोधी मुहिम की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है.
पुलिस अब उससे पूछताछ कर संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और अन्य माओवादी गतिविधियों से जुड़े सुराग जुटा रही है.
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