RANCHI : दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब पूरे झारखंड में सक्रिय हो चुका है. मंगलवार को मॉनसून के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली. सबसे ज्यादा 67.4 मिमी वर्षा मेदिनीनगर में दर्ज की गई. वहीं, रांची में 20 मिमी और चाईबासा में 14 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई.
मौसम विज्ञान केंद्र ने 1 और 2 जुलाई के लिए देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, बोकारो, धनबाद, लोहरदगा, गुमला, रामगढ़, रांची, खूंटी, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों के लिए वज्रपात को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है.
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बारिश से रांची के तापमान में 5.5 डिग्री की गिरावट
लगातार हो रही बारिश का असर तापमान पर भी देखने को मिला। मंगलवार को झारखंड के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई. राजधानी रांची का अधिकतम तापमान सोमवार की तुलना में 5.5 डिग्री सेल्सियस घटकर 28.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, मेदिनीनगर में अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
3 से 5 जुलाई के बीच हल्की पड़ सकती है बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, 3 से 5 जुलाई के दौरान राज्य में मेघ गर्जन और वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं, लेकिन बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है. हालांकि, 6 जुलाई से एक बार फिर राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है. मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 30 जून के बीच झारखंड में सामान्य से 54 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है. राजधानी रांची में भी इस अवधि के दौरान सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश हुई. जहां सामान्यतः 197.6 मिमी वर्षा होती है, वहीं इस बार अब तक केवल 146.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सबसे खराब स्थिति दुमका की रही, जहां पूरे जून महीने में एक भी मिमी बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई.
