RANCHI/GIRIDIH : गिरिडीह नगर निगम में वार्ड पार्षदों की नाराजगी और राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं. वार्ड संख्या 6 के आनंद नगर स्थित लखारी रोड पर करीब छह महीने से धंसी सड़क पर अब डस्ट गिराकर रास्ते को आवागमन योग्य बनाने की कोशिश की गई है. हालांकि, सड़क की स्थायी मरम्मत और रास्ते में बाधा बने विशाल पेड़ को लेकर अब भी सवाल बने हुए हैं.
पार्षदों की नाराजगी के बीच डिप्टी मेयर का पलटवार
गिरिडीह नगर निगम में इन दिनों वार्ड पार्षदों की नाराजगी और नगर निगम की कार्यशैली को लेकर चर्चा तेज है. एक ओर पार्षद निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर डिप्टी मेयर सुमित कुमार ने पलटवार करते हुए कहा, ‘सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज करने. डिप्टी मेयर की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. लेकिन इस पूरे विवाद के बीच सवाल यह भी है कि क्या पार्षदों की नाराजगी केवल राजनीतिक खींचतान है या इसके पीछे आम लोगों की वास्तविक समस्याएं भी हैं?

छह महीने से धंसी थी सड़क, लोगों को हो रही थी परेशानी
वार्ड संख्या 6 के आनंद नगर स्थित लखारी रोड पर स्थानीय लोगों को लंबे समय से आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जानकारी के अनुसार, यहां सड़क का एक हिस्सा करीब छह महीने से धंसा हुआ था. इसके अलावा रास्ते में एक विशाल पेड़ भी आवागमन में बाधा बना हुआ है. स्थानीय समस्या को लेकर नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं. लोगों के बीच यह चर्चा है कि जब सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब थी, तो इसका स्थायी समाधान समय रहते क्यों नहीं किया गया.

डस्ट गिराकर मिली राहत, लेकिन स्थायी समाधान का इंतजार
वार्ड पार्षदों की नाराजगी और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बीच धंसी हुई सड़क पर डस्ट गिराई गई है. इससे फिलहाल रास्ते को आवागमन योग्य बनाने की कोशिश की गई है. हालांकि, डस्ट गिराना स्थायी मरम्मत का विकल्प नहीं है. सड़क की पक्की मरम्मत कब होगी और रास्ते में बाधा बने विशाल पेड़ को हटाने या उससे जुड़ी समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे, यह स्पष्ट होना बाकी है.

जनता की समस्या या राजनीतिक खींचतान?
नगर निगम क्षेत्र के लोग सड़क, नाली और आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं की अपेक्षा करते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ेगा? क्या जनप्रतिनिधियों के बीच नाराजगी और आरोप-प्रत्यारोप बढ़ने के बाद ही समस्याओं पर कार्रवाई होगी? आनंद नगर और लखारी रोड की स्थिति ने नगर निगम की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं. अब देखना होगा कि निगम अस्थायी राहत देने तक सीमित रहता है या सड़क की स्थायी मरम्मत और पेड़ से जुड़ी समस्या का भी समाधान करता है.
फिलहाल, राजनीतिक बयानबाजी के बीच स्थानीय लोगों को स्थायी समाधान का इंतजार है. सवाल साफ है कि जनता को समय पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकता कब बनेगा?
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