RANCHI/SERAIKELA : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है. यहां गम्हरिया थाना परिसर में एक महिला के साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप एक पुलिसकर्मी पर लगा है. पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सरायकेला SDPO अनुभव भारद्वाज ने जांच शुरू कर दी है. वहीं, आरोपी पुलिसकर्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
घरेलू विवाद की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी महिला
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता गम्हरिया थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है. गुरुवार को वह अपने पारिवारिक विवाद से परेशान होकर न्याय की उम्मीद में गम्हरिया थाने पहुंची थी. बताया जा रहा है कि महिला ने अपने पति के खिलाफ घरेलू विवाद को लेकर शिकायत की थी. इसके बाद पुलिस महिला को थाने लेकर पहुंची. रात अधिक होने के कारण उसे थाना परिसर के एक कमरे में आराम करने के लिए जगह दी गई. महिला का आरोप है कि इसी दौरान थाने में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी उसके कमरे में पहुंचा और उसके साथ जबरदस्ती की.
विरोध करने पर चाकू से किया हमला
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उसने शोर मचाया और मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन कोई उसकी सहायता के लिए नहीं पहुंचा. इसके बाद उसने कमरे में पड़े एक चाकू से आरोपी पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया. आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मी वहां से भाग गया.
सुबह पुलिसकर्मियों को बताई घटना, पैसे देकर घर भेजने का आरोप
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि अगली सुबह उसने थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों को पूरी घटना की जानकारी दी. लेकिन उसकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने के बजाय उसे पैसे देकर घर जाने के लिए कहा गया. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है. पीड़िता आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है.
SDPO ने थाने पहुंचकर सुरक्षित कराया घटनास्थल
मामले की जानकारी मिलने के बाद शुक्रवार देर रात सरायकेला SDPO अनुभव भारद्वाज पुलिस बल के साथ गम्हरिया थाने पहुंचे. उन्होंने सबसे पहले उस कमरे को बंद कराकर सुरक्षित कराया, जहां महिला के अनुसार घटना हुई थी. इसका उद्देश्य घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाना है. इसके साथ ही आरोपी पुलिसकर्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है. SDPO ने पीड़िता से भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और उसे औपचारिक रूप से लिखित शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया है, ताकि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके.
SDPO अनुभव भारद्वाज ने क्या कहा?
SDPO अनुभव भारद्वाज के अनुसार, पुलिस इस मामले को अत्यंत संवेदनशील और गंभीरता से ले रही है. जिस कमरे में घटना होने का आरोप लगाया गया है, उसे जांच और साक्ष्य संकलन के लिए सुरक्षित कर दिया गया है. संदेही पुलिसकर्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. उन्होंने बताया कि पीड़िता को विधिवत लिखित शिकायत देने का निर्देश दिया गया है. शिकायत के आधार पर संबंधित कानूनी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
इस घटना ने पुलिस थाने में महिलाओं की सुरक्षा और शिकायत लेकर पहुंचने वाली पीड़िताओं के साथ पुलिस के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस थाने में एक महिला न्याय की उम्मीद लेकर पहुंची, उसी परिसर में उसके साथ अपराध होने का आरोप लगा है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि थाने के अंदर महिला की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार व्यवस्था कहां थी? क्या उस समय थाने में पर्याप्त पुलिसकर्मी मौजूद थे? और अगर महिला के आरोप सही हैं, तो घटना के बाद अन्य पुलिसकर्मियों ने शिकायत पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की? फिलहाल मामले की जांच जारी है. आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी.
