RANCHI/GIRIDIH : भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू शनिवार को गिरिडीह पहुंचे. यहां उन्होंने छात्रों के साथ कथित मारपीट, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव को लेकर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने झामुमो (JMM) और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राज्य सरकार और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए. वहीं, गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत का दावा करते हुए कहा कि इस बार क्षेत्र में कमल खिलेगा.
छात्रों के साथ मारपीट के मामले में FIR नहीं होने पर उठाए सवाल
गिरिडीह में छात्रों के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर आदित्य साहू ने झामुमो पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में झामुमो से जुड़े लोग शामिल थे. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि मामले में अब तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कार्रवाई क्यों नहीं की गई.
उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. इस मामले को लेकर उन्होंने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए. हालांकि, घटना में किसकी भूमिका थी और प्राथमिकी की स्थिति क्या है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड और आधिकारिक पक्ष से की जानी बाकी है.
गिरिडीह उपचुनाव में भाजपा की जीत का दावा
गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी आदित्य साहू ने अपनी पार्टी की जीत का भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि इस बार गिरिडीह में कमल खिलेगा और जनता भाजपा के उम्मीदवार को चुनकर विधानसभा भेजेगी. उनके इस बयान के बाद उपचुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज होने की संभावना है. भाजपा जहां जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है, वहीं चुनाव में अन्य दलों की रणनीति और उम्मीदवारों की भूमिका भी अहम होगी.
SIR को लेकर कांग्रेस और JMM पर निशाना
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर आदित्य साहू ने कांग्रेस और झामुमो पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी इस प्रक्रिया से गुजर चुकी है, ऐसे में अब इसका विरोध क्यों किया जा रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के जरिए अवैध रूप से रह रहे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया का विरोध राजनीतिक कारणों से किया जा रहा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस और झामुमो को इस प्रक्रिया से राजनीतिक नुकसान होने की आशंका है.
हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया निर्धारित चुनावी नियमों के तहत होती है. किसी व्यक्ति का नाम हटाने या उसकी पात्रता तय करने का निर्णय संबंधित चुनाव अधिकारियों और लागू नियमों के आधार पर किया जाता है.
दिल्ली के विरोध प्रदर्शन का भी किया जिक्र
गिरिडीह दौरे के दौरान आदित्य साहू ने दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व अलग-अलग मुद्दों को उठाकर देश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तर के राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी. आदित्य साहू के गिरिडीह दौरे में छात्रों के साथ कथित मारपीट, SIR और आगामी विधानसभा उपचुनाव प्रमुख मुद्दे रहे. उनके बयानों से साफ है कि भाजपा इन मुद्दों को लेकर झामुमो और कांग्रेस को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है.
