RANCHI : राजधानी रांची के नामकुम अंचल स्थित मौजा सरवल, खाता संख्या 96 और प्लॉट संख्या 1840 (Part) की जमीन को लेकर दस्तावेजों के आधार पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. उपलब्ध कागजात के मुताबिक, जमीन के अलग-अलग हिस्सों की खरीद वर्ष 2020 में Registered Sale Deed के जरिए की गई और संबंधित खरीदारों के नाम दाखिल-खारिज यानी Mutation तथा लगान भुगतान का दावा किया गया है.
लेकिन इसके बाद इसी प्लॉट की जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश, बॉन्ड्री वॉल तोड़ने और दोबारा बिक्री/रजिस्ट्री के प्रयास के आरोप सामने आए. मामला सिर्फ शिकायत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीन के पूर्व खरीदारों ने नामकुम थाना, अंचल कार्यालय और सदर अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय तक लिखित शिकायतें दीं.
अब सबसे बड़ा सवाल रांची जिला प्रशासन और खासकर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से है – जब एक ही प्लॉट की जमीन को लेकर पहले से विवाद और लिखित आपत्तियां प्रशासन के सामने थीं, तो पूरे रिकॉर्ड की जांच कितनी गंभीरता से हुई?
पहला दस्तावेज : 29 मई 2026 को पुलिस से शिकायत
उपलब्ध दस्तावेजों में 29 मई 2026 की शिकायत दिखाई देती है. इसमें प्लॉट नंबर 1840, खाता संख्या 96, मौजा सरवल, नामकुम की जमीन के चारों ओर बनाई गई बॉन्ड्री वॉल तोड़कर नया बॉन्ड्री वॉल खड़ा करने और जमीन पर जबरन कब्जे की कोशिश का आरोप लगाया गया है.
शिकायत में कहा गया कि कुछ लोगों ने पहले से बनी बॉन्ड्री वॉल तोड़ दी और जमीन को चारों तरफ से घेरने का काम शुरू कर दिया. शिकायतकर्ताओं के अनुसार, काम करने वाले लोगों ने बताया कि उन्हें यह काम नवीन मंडल और विकास सिंह की ओर से दिया गया है. शिकायत में यह भी कहा गया कि संबंधित लोगों से जमीन बेचने के लिए दबाव बनाने की बात कही गई और इस संबंध में नामकुम थाना में शिकायत दर्ज कराई गई.
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10 जून 2026 : अंचल अधिकारी के सामने फिर पहुंचा मामला
इसके बाद 10 जून 2026 को अंचल अधिकारी, नामकुम के समक्ष लिखित आवेदन दिया गया. दस्तावेज में तीन पुराने खरीदारों का विवरण दिया गया है –
• स्मृति कुमारी, पति प्रबोध कुमार – 6 डिसमिल
Sale Deed संख्या 5687/5523, दिनांक 18.11.2020
• उमेश्वर प्रसाद यादव – 5.5 डिसमिल
Sale Deed संख्या 3157/303, दिनांक 06.07.2020
• रीना सिन्हा, पति बिरेन्द्र प्रसाद – 11.72 डिसमिल
Sale Deed संख्या 3164/3042, दिनांक 06.07.2020
आवेदन में इन जमीनों पर वैध स्वामित्व, दाखिल-खारिज और लगान भुगतान का दावा करते हुए आरोप लगाया गया कि वैध रूप से खरीदी गई जमीन को विवादित बताकर दूसरे लोगों के नाम दोबारा बेचने का प्रयास किया जा रहा है.
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती
इसी मामले में 18 सितंबर 2026 को दर्ज एक आपत्ति आवेदन में पुराने खरीदारों की ओर से आरोप लगाया गया कि पूर्व में बेची जा चुकी जमीन के हिस्से की दोबारा रजिस्ट्री की गई है. दस्तावेज के मुताबिक, Registry No. 5676/5211, दिनांक 10.06.2026 के जरिए 22.77 डिसमिल जमीन को राज किशोर सुमन के नाम रजिस्ट्री किए जाने का उल्लेख है. आवेदन में कहा गया है कि इस रजिस्ट्री के आधार पर Mutation की प्रक्रिया लंबित थी और पूर्व खरीदारों ने उस पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई. Registry No. 5676/5211 के आधार पर होने वाले Mutation को आपत्ति के निस्तारण तक रोका जाए, नए Registry Deed का पुराने Sale Deed और Mutation रिकॉर्ड से मिलान किया जाए और आपत्ति पर फैसला होने तक कोई Mutation आदेश पारित न किया जाए.
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अब सवाल सीधे DC मंजूनाथ भजंत्री से
रांची जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक मंजूनाथ भजंत्री रांची के उपायुक्त हैं, और उपायुक्त जिला प्रशासन के प्रमुख होने के साथ राजस्व मामलों में District Collector की भूमिका भी निभाते हैं. तो सवाल बनता है कि DC मंजूनाथ भजंत्री जी, आखिर इस पूरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई कहां है?
जब मई 2026 में पुलिस को शिकायत, 10 जून 2026 को अंचल कार्यालय में शिकायत, और बाद में 18 सितंबर 2026 को दोबारा रजिस्ट्री/Mutation पर लिखित आपत्ति सामने है, तो क्या पूरे जमीन रिकॉर्ड की उच्चस्तरीय जांच हुई? क्या 10 जून 2026 की Registry No. 5676/5211 की जमीन का स्थल निरीक्षण कराया गया? क्या 2020 की पुरानी Sale Deed और 2026 की नई Registry का खाता, प्लॉट, चौहद्दी और वास्तविक जमीन से मिलान कराया गया?
अगर पूर्व खरीदारों के Sale Deed और Mutation रिकॉर्ड सही हैं, तो उसी प्लॉट की जमीन की दोबारा रजिस्ट्री का आधार क्या था? वहीं दस्तावेजों में एक और महत्वपूर्ण बिंदु सामने आता है. पुराने खरीदारों द्वारा बताए गए तीन हिस्सों का रकबा 6 + 5.5 + 11.72 = 23.22 डिसमिल बैठता है, जबकि बाद की आपत्ति में 22.77 डिसमिल की नई रजिस्ट्री का उल्लेख है. इन दोनों रिकॉर्डों के बीच वास्तविक भूमि का ओवरलैप है या नहीं, यह राजस्व रिकॉर्ड और स्थल मापी से ही स्पष्ट हो सकता है.
क्या प्रशासन ने यह मिलान कराया? अगर कराया, तो रिपोर्ट क्या कहती है? अगर नहीं कराया, तो बिना भौतिक सत्यापन के Mutation की प्रक्रिया आगे क्यों बढ़ी? और अगर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, तो जिम्मेदारी किसकी है?
सवाल सिर्फ एक परिवार की जमीन का नहीं है
यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि दस्तावेजों में एक तरफ पुराने Registered Sale Deed, Mutation और लगान भुगतान का दावा है, तो दूसरी तरफ उसी प्लॉट से जुड़ी जमीन की दोबारा रजिस्ट्री और Mutation को लेकर आपत्ति दर्ज है.
ऐसे में प्रशासन की सबसे पहली जिम्मेदारी यही बनती है कि पुराने और नए दस्तावेजों का मिलान, जमीन की मापी, रिकॉर्ड का सत्यापन और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए. किसी को दोषी ठहराना अदालत और जांच एजेंसियों का काम है. लेकिन शिकायतों को नजरअंदाज करना या रिकॉर्ड की जांच किए बिना आगे बढ़ना – यह सवाल जिला प्रशासन से जरूर पूछा जा सकता है.
DC मंजूनाथ भजंत्री से सीधा सवाल
क्या नामकुम के सरवल स्थित प्लॉट नंबर 1840 की पूरी फाइल खोलकर जांच होगी?
क्या 2020 की खरीद और 10 जून 2026 की Registry No. 5676/5211 का आमने-सामने सत्यापन होगा?
