RANCHI : झारखंड में भ्रष्टाचार से जुड़े 25 से अधिक मामलों में कार्रवाई नहीं होने के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है. सामाजिक कार्यकर्ता समीर कुमार सिन्हा ने 18 जुलाई और 4 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट को पत्र भेजकर कई मामलों में कार्रवाई की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट ने इन पत्रों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया है. वहीं, पत्र में आत्मदाह और आत्महत्या जैसे कदम उठाने की बात किए जाने के बाद कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता की सुरक्षा को लेकर एहतियाती कदम उठाए हैं.
ईडी के निर्देश के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
समीर कुमार सिन्हा ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड सरकार को भ्रष्टाचार से जुड़े 25 से अधिक मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. हालांकि, उनके मुताबिक इन मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई. सिन्हा ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कार्रवाई नहीं होने से संबंधित लोगों को संरक्षण मिल रहा है. हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनके संबंध में संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है.
किन मामलों का किया गया जिक्र
सामाजिक कार्यकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट को भेजे पत्र में झारखंड से जुड़े कई चर्चित मामलों का उल्लेख किया है. इनमें सिरमटोली स्थित डिफेंस की जमीन की कथित खरीद-बिक्री, तत्कालीन डीसी रामनिवास यादव के आवास से कारतूस और पैसे मिलने से जुड़ा मामला तथा तत्कालीन डीजीपी अनुराग सिन्हा पर लगाए गए कथित फेक एनकाउंटर के आरोपों से जुड़ा मामला शामिल है. इसके अलावा JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया गया है. सिन्हा ने पूर्व आईएएस अधिकारी राजीव अरुण एक्का से जुड़े उस विवाद का भी उल्लेख किया है, जिसमें उनके एक निजी कार्यालय में बैठकर सरकारी फाइलों के निपटारे का मामला सामने आया था.
हाईकोर्ट से जुड़े मामलों का भी पत्र में उल्लेख
समीर कुमार सिन्हा ने अपने पत्र में झारखंड हाईकोर्ट से जुड़े कुछ मामलों का भी उल्लेख किया है. उन्होंने भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कार्रवाई की मांग करते हुए कहा था कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्मदाह कर लेंगे. इसी के बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से पत्र को संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया. साथ ही सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस को एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया गया.
दिल्ली पुलिस ने भेजा पत्र
सुप्रीम कोर्ट से मिले निर्देश के बाद अपर पुलिस उपायुक्त-1, नई दिल्ली मंजीत ने तिलक मार्ग थाना प्रभारी के माध्यम से समीर कुमार सिन्हा को पत्र भेजा. पत्र में उन्हें बताया गया कि मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत मृत्यु तक या अनिश्चितकालीन उपवास, भूख हड़ताल, आत्मदाह अथवा आत्महत्या जैसे कदम गैरकानूनी हैं. पुलिस ने उन्हें अपनी शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारी या विभाग से संपर्क करने की सलाह दी है. समीर कुमार सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र भेजने और दिल्ली पुलिस से पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की है. अब इस मामले में नजर इस बात पर है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद संबंधित विभाग और झारखंड सरकार की ओर से इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई की जाती है.
