
RANCHI : जिले के रहने वाले अंशुमान सिंह ने UPSC Indian Forest Service (IFS) परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल कर कोडरमा समेत पूरे झारखंड का नाम रोशन किया है. जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, परिवार और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई. रिजल्ट के बाद अंशुमान के कोडरमा पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया. अंशुमान सिंह ने खास बातचीत में बताया कि उनकी शुरुआती पढ़ाई झुमरी तिलैया से हुई. स्कूल के दिनों से ही वे पढ़ाई में अव्वल रहे और स्कूल टॉपर भी रह चुके हैं. हालांकि, उनकी जिंदगी में एक बड़ा मोड़ तब आया जब पढ़ाई के दौरान ही उनके पिता का निधन हो गया. इसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां अचानक उनके कंधों पर आ गईं.
पिता के निधन के बाद संभाली जिम्मेदारियां
कठिन परिस्थितियों के बावजूद अंशुमान ने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया. वर्ष 2015 में उन्होंने इंडियन कोस्ट गार्ड में असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में जॉइन किया, लेकिन उनका सपना सिविल सेवा में जाना था. नौकरी के साथ-साथ उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी. अंशुमान ने बताया कि उन्होंने पांच बार परीक्षा दी, लेकिन हर बार असफलता हाथ लगी. लगातार नाकामी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. आखिरकार नौकरी छोड़कर पूरी तरह तैयारी में जुट गए और छठे यानी अंतिम प्रयास में AIR-2 हासिल कर सफलता की नई मिसाल कायम की.
इसे भी पढ़े : 8.52 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, झारखंड CID ने यूपी के मिर्जापुर से आरोपी को दबोचा
उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि कॉलेज के दौरान ही अपने कॅरियर को लेकर स्पष्ट लक्ष्य तय करना जरूरी है. जिस क्षेत्र में जाना चाहते हैं, उसी पर फोकस बनाए रखें. असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए. अंशुमान ने माता-पिता को भी सलाह दी कि वे बच्चों पर अपनी पसंद का करियर थोपने के बजाय उनकी रुचि और राय को समझें. बिना बच्चों की इच्छा जाने उन पर दबाव बनाना कई बार मानसिक तनाव का कारण बनता है.
आज अंशुमान सिंह उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं, जो शुरुआती असफलताओं के बाद खुद को कमजोर महसूस करने लगते हैं. उनकी कहानी बताती है कि लगातार मेहनत, धैर्य और स्पष्ट लक्ष्य के दम पर बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है.
इसे भी पढे़ : झारखंड में आज मौसम रहेगा सुहाना, कई जिलों में आंधी-बारिश के आसार, गर्मी से मिलेगी राहत
