RANCHI : रिम्स में बिना स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी (SFC) की स्वीकृति के जारी किए गए एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के सभी टेंडरों की जांच करायी जाएगी. इसके लिए एक विशेष जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है. जो पूरे मामले की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. जांच के दायरे में वे सभी टेंडर होंगे. जिनमें एसएफसी की मंजूरी अनिवार्य थी. यह फैसला मंगलवार को नेपाल हाउस स्थित स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में आयोजित स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की 14वीं बैठक में लिया गया.

एसएफसी बैठक में बड़ा फैसला
बैठक के दौरान रिम्स और स्वास्थ्य. चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के बीच वित्तीय मामलों को लेकर टकराव खुलकर सामने आया. समिति ने रिम्स प्रबंधन से चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर हुए खर्च और उससे जुड़ी कॉस्ट डिटेल्स मांगी. लेकिन रिम्स प्रबंधन इसे उपलब्ध कराने में असमर्थ रहा. इस पर विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कड़ा रुख अपनाया और स्पष्ट कहा कि बिना लागत विवरण के किसी भी खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाना नियमों के खिलाफ है. अपर मुख्य सचिव ने सवाल उठाया कि जब समिति को पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं करायी गयी थी. तो एक करोड़ रुपये से अधिक के टेंडर किस आधार पर जारी किए गए और खरीद प्रक्रिया को आगे कैसे बढ़ाया गया. बैठक में इस पूरे मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए विशेष जांच कराने पर सहमति बनी.
स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले के बाद रिम्स में वित्तीय पारदर्शिता और खरीद प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं. अब विशेष जांच समिति की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी.
