Nakib Ziya
GODDA : गोड्डा जिला के उपायुक्त कार्यालय में समाजसेवियों ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ ज्ञापन सौंपा. इस दौरान समाजसेवियों ने आरोप लगाया कि जिले के कई निजी विद्यालय एडमिशन, री-एडमिशन, कॉपी-किताब और स्कूल ड्रेस के नाम पर आम जनता से मनमानी तरीके से पैसे वसूल रहे हैं.
समाजसेवी आर्यन चंद्रवंशी ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों को लूटने का काम किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कई स्कूलों ने अपनी प्रायोजित दुकानें खोल रखी हैं, जहां से ही कॉपी-किताब और ड्रेस खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर किया जाता है. यह पूरी तरह गलत है और आम जनता की स्वतंत्रता का हनन है. अभिभावकों को यह अधिकार होना चाहिए कि वे अपनी सुविधा के अनुसार कहीं से भी सामान खरीद सकें.
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उन्होंने आगे कहा कि एक बार एडमिशन होने के बाद बार-बार री-एडमिशन के नाम पर शुल्क लेना भी जनता के साथ अन्याय है. यह सीधे तौर पर आर्थिक शोषण है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए.
समाजसेवियों ने यह भी कहा कि जिस प्रकार पूर्व एसडीएम ऋतुराज ने कोडरमा में एडमिशन शुल्क माफ किया और रांची में भी यह व्यवस्था लागू हुई, उसी तरह गोड्डा में भी यह व्यवस्था लागू की जानी चाहिए.
आर्यन चंद्रवंशी ने आरोप लगाया कि जिले में कई ऐसे निजी स्कूल भी संचालित हो रहे हैं जिनका सही तरीके से रजिस्ट्रेशन तक नहीं है. कुछ विद्यालय दूसरे स्कूलों के नाम पर संचालित हो रहे हैं और राइट टू एजुकेशन के नियमों का पालन भी नहीं कर रहे हैं. ऐसे स्कूलों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
वहीं समाजसेवी दिलीप कुमार ने कहा कि कई स्कूलों में पुराने सत्र की ही किताबें चलती हैं, इसके बावजूद अभिभावकों को जबरन नए किताब और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है. यह आम जनता के साथ सरासर अन्याय है.
समाजसेवियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आम जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा. मौके पर समाजसेवी आर्यन चंद्रवंशी, दिलीप कुमार और रंजन कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे.
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