Arafat
GODDA : केकेएम कॉलेज पाकुड़ के आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास में रविवार को धूमधाम से बाहा पर्व मनाया गया. पर्व को लेकर छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह देखा गया. इस दौरान आदिवासी छात्राओं व अतिथियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मासी मरांडी शामिल हुए.
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इस दौरान उन्होंने सभी को बधाई दी. साथ ही पर्व को पारंपरिक रूप से मनाते हुए आदिवासी रीति-रिवाज को जिंदा रखने की बात कही. पर्व के माध्यम से ही आपस में भाईचारा बना रहता है. पर्व मनाने से पूर्व नायके और कुड़म/हड़ाम नायके ने सखुआ के फूलों की पूजा अर्चना की. अतिथियों को सखुआ पुष्प देकर सम्मानित किया गया. इस दौरान मांदर की थाप पर नाचते हुए एक-दूसरे पर पानी छिड़क कर बाहा पर्व को धूमधाम से मनाया गया. सभी ने बारी-बारी से एक दूसरे को पानी देकर खुशी जाहिर की. मौके पर नायके छोटू मरांडी, कुड़म नायके राजेन मरांडी, गोड़ाइत बड़का मुर्मू, बीसू टुडू, कमल मुर्मू, नवीन हांसदा, अंशु टुडू, नवीन सोरेन, पूनम हेम्ब्रम, रोजत मरांडी के अलावा अन्य मौजूद थे.

पेड़ों में नये पत्ते आने का पर्व है
प्रकृति पर्व, बाहा पर्व फागुन माह के दूसरे सप्ताह मनाया जाता है. प्रकृति के नियमानुसार पेड़ों पर नए पत्ते आने की शुरुआत में इस पर्व का आयोजन किया जाता है. आदिवासी समुदाय के लिए यह पर्व काफी महत्वपूर्ण है. इस पर्व को मनाने के लिए दूर-दराज में बसे लोग अपने घर आते हैं.
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