Vijay Thakur
GODDA : परिवार न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित पांच दिवसीय विशेष मध्यस्थता अभियान के तहत अब तक सात मामलों का निपटारा कर लिया गया है. अभियान के दूसरे दिन मंगलवार को पारिवारिक विवाद से जुड़े दो मामलों का समाधान हुआ, जबकि तीसरे दिन बुधवार को पांच मामलों का निष्पादन कराया गया. यह विशेष मध्यस्थता अभियान 13 मार्च तक जारी रहेगा. परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि पारिवारिक मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए उभय पक्षों के बीच सुलह-समझौता कराकर विवादों का समाधान कराना ही मध्यस्थता शिविर का मुख्य उद्देश्य है. उन्होंने कहा कि समझौते के आधार पर विवाद समाप्त होने से दोनों पक्षों को राहत मिलती है और यह मामलों के शीघ्र निष्पादन का एक बेहतर विकल्प है. मध्यस्थता शिविर में दोनों पक्षों को नोटिस भेजकर बुलाया जाता है, ताकि वे समय पर उपस्थित होकर अपने विवादों का समाधान कर सकें.
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केस स्टडी : आपसी विवाद के कारण कन्हवारा की सुजाता कुमारी और तरडीहा के विकास साह पिछले एक वर्ष से अलग-अलग रह रहे थे. दोनों की शादी करीब पांच वर्ष पहले हुई थी. लड़की की ओर से परिवार न्यायालय में वाद दायर किया गया था. मध्यस्थ दिलीप कुमार झा ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर आपसी मतभेद दूर करने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों ने साथ रहने का संकल्प लिया. मामले के निष्पादन में अधिवक्ता केशरी मिश्रा और संजीव कुमार झा ने भी दोनों पक्षों को उचित मार्गदर्शन दिया. मध्यस्थता शिविर में पारिवारिक मामलों के निष्पादन को लेकर उग्रेश झा, जितेंद्र दुबे, नूतन तिवारी, शादिक अहमद, धर्मेंद्र नारायण, राजकुमार घोष, रीना डे, अजय कुमार साह, दिलीप कुमार झा, प्रदीप कुमार साह, श्वांति रानी, असलम, गौरी प्रिया, अनंत नारायण दुबे, अफसर हसनैन सहित अन्य मध्यस्थ सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं.
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