BERMO : गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी के कड़े विरोध और तकनीकी खामियों की शिकायत संबंधी केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को लिखे पत्र को मंत्रालय ने काफी गंभीरता से लिया और शनिवार को बोकारो थर्मल में डीवीसी के आरओबी ’स्वामी विवेकानंद सेतु’ के उद्घाटन कार्यक्रम पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है. केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने यह आदेश सांसद द्वारा सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बाद शनिवार को डीवीसी को देते हुए जारी किया है.
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क्या है पूरा मामला
गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने केंद्रीय ऊर्जा सचिव को पत्र लिखकर सूचित किया था कि डीवीसी के अध्यक्ष एस सुरेश कुमार द्वारा 28 फरवरी 2026 को इस सेतु का ’लोकार्पण’ किया जाना है. पत्र में सांसद ने आरोप लगाया था कि यह उद्घाटन पूरी तरह से गैर-कानूनी था क्योंकि पुल के निर्माण में आवश्यक सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रक्रियाओं को ताक पर रख दिया गया था.
सांसद द्वारा उठाए गए प्रमुख तकनीकी सवाल
पत्र में सांसद ने निर्माण की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए पुल के लिए ’रोड सेफ्टी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट’ और ’कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी’ का अप्रूवल नहीं होना बताया था. साथ ही निर्माण में रेलवे ब्रिज मैनुअल और इंडियन रेलवे शेड्यूल ऑफ डायमेंशन-2022 का पालन नहीं किया गया था. पुल का ’स्पेशल व्हीकल लोडिंग’ और ट्रैफिक सेफ्टी ऑडिट नहीं कराये जाने का भी उल्लेख किया गया था.
जल्दबाजी का आरोप
सांसद ने आरोप लगाया कि डीवीसी अध्यक्ष अपनी सेवानिवृत्ति 31 मई 2026 से पहले अपनी उपलब्धि स्थापित करने के लिए हजारों लोगों की जान जोखिम में डालकर इस अधूरे और असुरक्षित पुल का उद्घाटन करना चाहते थे.
आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की दी थी चेतावनी
सांसद चौधरी ने स्पष्ट किया था कि यदि उद्घाटन नहीं रोका गया,तो वे अपने संवैधानिक अधिकारों (अनुच्छेद 19) के तहत पुल के निकट 28 फरवरी को विशाल शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करेंगे. साथ ही, उन्होंने इस मामले को झारखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के माध्यम से ले जाने और संबंधित अधिकारियों को पक्षकार बनाने की चेतावनी भी दी थी.
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मंत्रालय का रुख
शिकायत की गंभीरता और जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए,केंद्रीय ऊर्जा सचिव ने उद्घाटन को स्थगित करने का निर्देश शनिवार की शाम को डीवीसी को दिया है. अब इस सेतु का लोकार्पण तभी संभव होगा जब सभी सुरक्षा मानकों की भौतिक जांच पूरी हो जाएगी और संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिए जाएंगे.
डीवीसी के जीएम ने की स्थगन की पुष्टि
डीवीसी के जीएम एचआर ए ए कुजूर ने मामले को लेकर पूछे जाने पर कहा कि केंद्रीय उर्जा मंत्रालय के आदेश पर शनिवार को आरओबी के उदघाटन कार्यक्रम को स्थगित किया गया है.

डीवीसी की सारी तैयारी रह गई धरी की धरी
डीवीसी प्रबंधन द्वारा शनिवार को आरओबी के उदघाटन को लेकर व्यापक पैमाने पर तैयारी कर रखी थी. डीवीसी द्वारा निर्मित, बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का उद्घाटन शनिवार को सूबे के जल संसाधन एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद द्वारा किया जाना था. आरओबी के उदघाटन को लेकर डीवीसी के स्थानीय प्रबंधन द्वारा सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं. स्थानीय डिग्री कॉलेज के सामने मैदान में मुख्य समारोह को लेकर भव्य तिरंगा पंडाल बनाया गया था. पंडाल के सामने, आगे एवं पीछे लंबा टेंट की चहारदीवारी बनाई गई है.
सांसद सहित चार विधायक एवं डीवीसी चैयरमैन, एमटी की मौजूदगी
समारोह में गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, बेरमो विधायक कुमार जयंमगल, डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो, मांडू विधायक निर्मल उर्फ तिवारी महतो सहित डीवीसी के चेयरमैन एस सुरेश कुमार, एमटी एसके पांडा एवं डीवीसी के कई इडी की गरिमामय मौजूदगी प्रस्तावित थी. इसके पूर्व गुरुवार को भी डीवीसी के जीएम एचआर ए ए कुजूर एवं मैनेजर एचआर सुनील कुमार ने मंत्री, सांसद एवं विधायकों को समारोह में आने का आमंत्रण दिया था.
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10 वर्षों में हुआ निर्माण कार्य
लगभग 134 करोड़ रुपये की लागत से राइट्स कंपनी द्वारा डीवीसी के आरओबी का निर्माण 10 वर्षों में पूरा हुआ है. आरओबी के एक पार्ट का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है जिसके निर्माण में चार माह का समय लगने की संभावना व्यक्त की जा रही है. डीवीसी के कंस्ट्रक्शन हेड सह वरीय प्रबंधक देव प्रसाद खां का कहना था कि पावर प्लांट के लिए ट्रांसपोर्टिंग पार्ट का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है और इस हिस्से को पूरा होने में अभी चार माह का समय और लगेगा.
