Akshay Kumar Jha
RANCHI : कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (पशुपालन प्रभाग) के कई अधिकारी अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. इनमें से कुछ अधिकारियों का आरोप है कि विभाग ट्रांसफर-पोस्टिंग के दौरान सरकारी रोस्टर का पालन ही नहीं करता है. बस यह देखा जाता है कि किस अधिकारी का, विभाग में आला अधिकारियों से कैसी सेटिंग है, या फिर मंत्री जी के कमरे तक पहुंचने में किसे कितनी मशक्कत करनी पड़ती है. जो जितनी आसानी से अपनी पहुंच बना लेता है, उसे जूनियर रहने के बावजूद कई सीनियर पद के प्रभारों से लाद दिया जाता है. सीनियर अधिकारियों को जूनियर पोस्ट पर पोस्टिंग कर दी जाती है और कहा जाता है कि यह ट्रांसफर-पोस्टिंग स्थायी नहीं है. बस, प्रभार दिया जा रहा है. लेकिन सवाल यह कि क्या किसी तरह के ट्रांसफर-पोस्टिंग में सरकारी रोस्टर का पालन नहीं होना चाहिए?
प्रभार लेने के लिए पहली मेरिट-आला अधिकारियों का पसंदीदा होना चाहिए
कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (पशुपालन प्रभाग) की तरफ से 18 फरवरी को एक अधिसूचना जारी की जाती है. अधिसूचना में कुल 11 अधिकारियों के ट्रांसफर होने की जानकारी है. लेकिन इसी अधिसूचना को लेकर अब सवाल खड़े रहे हो रहे हैं.
- विष्णु शरण महतोः फिलहाल इनकी तैनाती प्रभारी पशु शल्य चिकित्सक, चाईबासा के तौर पर है. लेकिन जूनियर रहने के बावजूद इन्हें क्षेत्रीय निदेशक पशुपालन कोल्हान प्रमंडल चाईबासा का भी प्रभार दे दिया गया. जबकि इस पद का प्रभार लेने के लिए विभाग के पास काफी सीनियर अधिकारी मौजूद हैं.
- डॉ. चन्द्रेश्वर प्रसादः प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, विष्णुगढ़ जिला हजारीबाग के पद पर तैनात हैं. लेकिन इन्हें भी जूनियर होने के बावजूद प्रभारों से लाद दिया गया है. जैसे इनके अलावा विभाग में और कोई अधिकारी ही ना हो. इन्हें अब परियोजना पदाधिकारी वृहद भेड़ प्रजनन प्रक्षेत्र चतरा, जिला पशुपालन पदाधिकारी चतरा, अवर प्रमंडल पशुपालन पदाधिकारी चतरा का प्रभार भी सौंप दिया गया है. चतरा जिला पशुपालन पदाधिकारी चतरा अवर प्रमंडल पशुपालन पदाधिकारी चतरा का प्रभार भी सौंप दिया गया है. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर इतना ज्यादा प्रभार किसी एक अधिकारी को देने की जरूरत है?
- डॉ. संजय कुमारः यह अधिकारी फिलहाल प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, जरीडीह के पद पर तैनात है. लेकिन इन्हें इस पद के अलावा सहायक निदेशक (कुक्कुट), बोकारो का भी प्रभार दे दिया गया है. जबकि रोस्टर के मुताबिक यह पद के योग्य नहीं हैं.
- डॉ. सुनील तिवारीः यह अधिकारी फिलहाल सहायक कुक्कुट पदाधिकारी, गिरिडीह के पद पर थे. लेकिन इन्हें भी रोस्टर को दरकिनार रखते हुए जिला पशपपालन पदाधिकारी गिरिडीह और पशु शल्य चिकित्सक गिरिडीह का भी प्रभार दे दिया गया है.
- डॉ. संजय प्रसादः प्रभारी पशु शल्य चिकित्सक, गुमला के पद पर थे. अब इन्हें डिमोट करते हुए, रोस्टर की अनदेखी करते हुए अवर प्रमंडल पशुपालन पदाधिकारी, सिमडेगा का भी प्रभार दे दिया गया है.
- जबकि एक साल से आदर्श ग्राम पशुपालन पदाधिकारी, गुमला का पद खाली है. विभाग की तरफ से यहां किसी की पोस्टिंग नहीं की जाती है.
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