RANCHI : झारखंड में सरकारी शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ (JPSS) ने दावा किया है कि राज्य के 80 हजार से अधिक शिक्षकों का मार्च और अप्रैल 2026 का वेतन अब तक लंबित है. इसे लेकर संघ ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह के भीतर भुगतान नहीं होने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है. संघ के प्रदेश अध्यक्ष आनंद किशोर साहू और महासचिव बलजीत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर पूरी स्थिति से अवगत कराया है. पत्र में कहा गया है कि राज्य के 24 जिलों में जिला कोषागार स्तर पर वेतन निकासी में अनियमितताओं की जांच के नाम पर सभी श्रेणी के शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है.

मार्च और अप्रैल 2026 का वेतन लंबित होने का दावा, एक सप्ताह में भुगतान नहीं होने पर राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा
संघ का कहना है कि फरवरी माह का वेतन भी आयकर कटौती के कारण शिक्षकों को आंशिक रूप से मिला था. ऐसे में लगातार दो महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण शिक्षकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसका असर उनके पारिवारिक जीवन के साथ-साथ शैक्षणिक कार्यों पर भी पड़ रहा है. JPSS ने मांग की है कि शिक्षकों से स्व-घोषणा पत्र लेकर एक सप्ताह के भीतर मार्च और अप्रैल का बकाया वेतन जारी किया जाए. साथ ही भविष्य में समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विभागीय स्तर पर स्पष्ट मानक प्रक्रिया यानी SOP लागू की जाए.
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प्रदेश अध्यक्ष आनंद किशोर साहू ने कहा कि राज्य के अधिकांश शिक्षक अपने गृह प्रखंड से दूरस्थ इलाकों में कार्यरत हैं और लंबे समय से वेतन लंबित रहने से गंभीर आर्थिक संकट में हैं. वहीं महासचिव बलजीत कुमार सिंह ने कहा कि अनियमितताओं की जांच जरूरी है लेकिन इसका असर सभी शिक्षकों पर डालना उचित नहीं है. संघ ने साफ कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर वेतन भुगतान नहीं हुआ तो राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा.
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