RANCHI / RAMGARH : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में सोमवार को प्रस्तावित ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ को लेकर माहौल गरमा गया. छात्र नेता देवेंद्र महतो के नेतृत्व में निकाली जा रही यात्रा का नेमरा के संथाली समाज के लोगों ने विरोध किया. ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि गांव की सीमा के भीतर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ किसी तरह का विरोध प्रदर्शन स्वीकार नहीं किया जाएगा.
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पारंपरिक हथियारों और ढोल-नगाड़ों के साथ जुटे ग्रामीण
सोमवार सुबह नेमरा के धुमकुड़िया भवन के पास मांझी हड़ाम और संथाली समाज के लोग पारंपरिक हथियारों और ढोल-नगाड़ों के साथ जुटे. इस दौरान ग्रामीणों की बैठक हुई, जिसमें उन्होंने यात्रा के गांव में प्रवेश का विरोध किया. ग्रामीणों का कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना सभी का अधिकार है. देवेंद्र महतो और उनके समर्थक गोला या रामगढ़ के किसी भी इलाके में विरोध-प्रदर्शन करें, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन नेमरा गांव के भीतर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
‘हेमंत सोरेन सिर्फ मुख्यमंत्री नहीं, गांव के मांझी हड़ाम’
मांझी हड़ाम चेतन टुडू, जोग मांझी विश्वनाथ बेसरा, विजय सोरेन और मंगल टुडू समेत ग्रामीणों ने कहा कि हेमंत सोरेन केवल राज्य के मुख्यमंत्री या राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि नेमरा गांव के मांझी हड़ाम भी हैं. इसलिए गांव के भीतर उनके खिलाफ किसी तरह का विरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा. ग्रामीणों के विरोध के बीच नेमरा में यात्रा को लेकर तनाव की स्थिति बनी रही. हालांकि, बाद में यात्रा वहां से आगे बढ़ गई.
लुकैयाटांड पहुंची भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा
देवेंद्र महतो के नेतृत्व में ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ सोमवार दोपहर करीब तीन बजे बरलंगा चौक होते हुए गोला के लुकैयाटांड मैदान पहुंची. यहां दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा पर देवेंद्र महतो और यात्रा में शामिल अन्य लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. यात्रा में शामिल कई युवा सफेद टी-शर्ट पहने हुए थे. उनके हाथों में भगवान बिरसा मुंडा, बिनोद बिहारी महतो और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीरें थीं. इस दौरान ‘जय झारखंड’ और महापुरुषों के सम्मान में नारे लगाए गए. नेमरा में विरोध के बाद लुकैयाटांड पहुंची यात्रा ने एक बार फिर यह संकेत दिया कि झारखंड में भर्ती व्यवस्था और छात्र आंदोलन का मुद्दा अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है.
