RANCHI : झारखंड में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से लेकर पेंशन तक के भुगतान का तरीका अब बदलने जा रहा है. 1 सितंबर से सरकारी भुगतान की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है. यानी अब कागज पर बिल बनाकर भुगतान कराने वाली पुरानी व्यवस्था धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी. सरकारी बिलों को ऑनलाइन भेजना होगा और डिजिटल सिग्नेचर के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इस संबंध में वित्त विभाग की संयुक्त सचिव ज्योति कुमारी झा के हस्ताक्षर से आदेश जारी किया गया है. आदेश के मुताबिक, 1 सितंबर से आईएफएमएस के तहत ई-वाउचर के जरिए ही संबंधित बिलों का भुगतान किया जाएगा.
कागज का बिल नहीं, अब ऑनलाइन होगा पूरा काम
सरकार के इस फैसले का सीधा मतलब है कि सरकारी दफ्तरों में बिल पास कराने के लिए कागजों का चक्कर कम होगा. अब कंटिजेंट बिल, कर्मचारियों की सैलरी, यात्रा भत्ता, मकान बनाने के लिए मिलने वाला अग्रिम और मोटर कार एडवांस जैसे भुगतान ई-साइन और डिजिटल सिग्नेचर के जरिए ही किए जाएंगे. यानी बिल तैयार होने से लेकर उसके भुगतान तक की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. संबंधित अधिकारी डिजिटल तरीके से अपनी मंजूरी देंगे और इसके बाद ही भुगतान ट्रेजरी से आगे बढ़ेगा.
तैयारी नहीं हुई तो भुगतान में आ सकती है परेशानी
वित्त विभाग ने इस व्यवस्था को लेकर विभागों को पहले ही तैयारी करने का मौका दिया था. 31 दिसंबर 2025 और 20 मई 2026 को ऑथराइज्ड सिग्नेचरी, डिपार्टमेंटल मेकर और चेकर की जानकारी मांगी गई थी. इसके बावजूद कुछ विभागों की ओर से अपेक्षित तैयारी नहीं की गई. अब 1 सितंबर की समयसीमा तय कर दी गई है. ऐसे में जिन विभागों ने अभी तक डिजिटल सिग्नेचर और ऑनलाइन भुगतान की जरूरी व्यवस्था पूरी नहीं की है, उन्हें तुरंत तैयारी पूरी करनी होगी. वरना संबंधित बिलों के भुगतान में दिक्कत आ सकती है.
पेंशन का काम भी होगा पूरी तरह ऑनलाइन
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक और बड़ा बदलाव किया गया है. 1 सितंबर से पेंशन से जुड़ा काम भी ई-पेंशन पोर्टल के जरिए ही किया जाएगा. पेंशन को मंजूरी देने से लेकर भुगतान की प्रक्रिया तक डिजिटल तरीके से पूरी होगी. इसके लिए डीडीओ और पेंशन प्राधिकार को डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल करना होगा. सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से भुगतान की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी और कागजी प्रक्रिया कम होगी. साथ ही बिल और पेंशन से जुड़े काम का ऑनलाइन रिकॉर्ड भी आसानी से रखा जा सकेगा.
