RANCHI/BOKARO : झारखंड के बोकारो जिले में स्थित सेवाती घाटी को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दिलाने की पहल शुरू हुई है. उपायुक्त अजय नाथ झा ने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं का जायजा लेते हुए इसके विकास और सुंदरीकरण को लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं. इस योजना में सिर्फ पर्यटन स्थल को विकसित करने पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका, ग्रामीण बाजार, बांस के कारीगरों और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी विकास से जोड़ने पर जोर दिया गया है.

22 अक्टूबर को उपायुक्त ने कसमार प्रखंड स्थित सेवाती घाटी का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, सड़क संपर्क और पर्यटन विकास की संभावनाओं का निरीक्षण किया. उनके साथ उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी संदीप शिंदे, अपर समाहर्ता सुनील चन्द्र, बेरमो के अनुमंडल पदाधिकारी मनोज कुमार, प्रशिक्षु आईएएस अरविन्द राधा कृष्णण समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. क्षेत्र का भ्रमण करने के बाद उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ बैठक की और सेवाती घाटी के पर्यटन विकास एवं सुंदरीकरण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

सेवाती घाटी को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की तैयारी
सेवाती घाटी की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. उपायुक्त ने पथ निर्माण विभाग को पूरे क्षेत्र को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए सड़क निर्माण की विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया. बनारस-कोलकाता राजमार्ग के नजदीक स्थित होने के कारण इस क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने की संभावनाएं हैं. बेहतर सड़क संपर्क विकसित होने से पर्यटकों को यहां पहुंचने में सुविधा मिल सकती है.
हालांकि, विकास कार्यों के दौरान प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली को संरक्षित रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की योजना बनाते समय पर्यावरण और क्षेत्र की प्राकृतिक पहचान का ध्यान रखा जाए.
स्थानीय हाट-बाजार बनेंगे मॉडल, ग्रामीण कारोबार को मिलेगा अवसर
सेवाती घाटी के विकास की योजना में आसपास के स्थानीय हाट-बाजारों को भी शामिल किया गया है. उपायुक्त अजय नाथ झा ने कसमार क्षेत्र के हाट-बाजारों को मॉडल हाट-बाजार के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की है. इसके लिए अंचल अधिकारी को क्षेत्र के सभी हाट-बाजारों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि उन्हें प्रस्तावित पर्यटन सर्किट से जोड़ने की संभावनाओं पर काम किया जा सके.
इस पहल से स्थानीय दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और ग्रामीण उत्पाद तैयार करने वाले लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है. पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर स्थानीय उत्पादों की मांग और बिक्री के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं.

बांस के कारीगरों और महिला स्वयं सहायता समूहों पर भी फोकस
सेवाती घाटी और आसपास के क्षेत्रों में बांस से जुड़े काम किए जाते हैं. ऐसे में पर्यटन विकास की योजना के जरिए स्थानीय बांस कारीगरों के उत्पादों को बेहतर बाजार और पहचान दिलाने की संभावनाएं हैं. इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को भी स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है. यदि इन समूहों के उत्पादों और कामकाज को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ा जाता है, तो महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं. इस तरह सेवाती घाटी के विकास की परिकल्पना केवल पर्यटन सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की भी कोशिश की जा रही है.
पर्यटकों को परोसी जाएगी स्थानीय व्यंजनों से सजी ‘सेवाती थाली’
सेवाती घाटी को पर्यटन के रूप में विकसित करने की योजना में स्थानीय खानपान को भी अहम स्थान दिया गया है. उपायुक्त ने स्थानीय व्यंजनों से सजी ‘सेवाती थाली’ को होटलों और रेस्तरां में परोसने की योजना की बात कही है. इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को क्षेत्र के पारंपरिक खानपान और स्थानीय संस्कृति से परिचित कराना है. इससे स्थानीय व्यंजनों को नई पहचान मिलने के साथ-साथ उनसे जुड़े कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है. सड़क संपर्क, हाट-बाजार, बांस के उत्पाद, महिला समूहों की भागीदारी और स्थानीय खानपान को एक साथ जोड़ने से सेवाती घाटी को पर्यटन के साथ ग्रामीण आजीविका के केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं बन सकती हैं.

राज्य सरकार की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी विकास योजना
उपायुक्त अजय नाथ झा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सेवाती घाटी के पर्यटन विकास और सुंदरीकरण की संपूर्ण कार्ययोजना का प्रस्ताव राज्य सरकार के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा. इसका मतलब है कि योजना को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी महत्वपूर्ण होगी. मंजूरी मिलने के बाद प्रस्तावित विकास कार्यों और सुविधाओं को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की जा सकेगी. फिलहाल, सेवाती घाटी के विकास को लेकर अधिकारियों के स्तर पर संभावनाओं का आकलन और योजना तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है.

पंचायत सचिवालय पहुंचकर DC ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
सेवाती घाटी का दौरा करने के बाद उपायुक्त अजय नाथ झा पंचायत सचिवालय मुरहूलसुदी पहुंचे. यहां उन्होंने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ दोपहर का भोजन भी किया. एक ही दौरे के दौरान पर्यटन विकास की संभावनाओं का जायजा लेना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करना और आम लोगों की शिकायतें सुनना इस कार्यक्रम के प्रमुख पहलू रहे.
अब योजना के जमीन पर उतरने का इंतजार
सेवाती घाटी के विकास को लेकर तैयार की जा रही योजना से स्थानीय लोगों, दुकानदारों, बांस कारीगरों और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है. लेकिन इसका वास्तविक लाभ तभी सामने आएगा, जब प्रस्तावित योजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा. अब नजर राज्य सरकार के अनुमोदन और उसके बाद शुरू होने वाली प्रक्रिया पर रहेगी.
यदि योजना के तहत सड़क संपर्क, पर्यटन सुविधाओं, स्थानीय बाजारों और ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा मिलता है, तो सेवाती घाटी को नई पहचान मिल सकती है और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है. फिलहाल, सेवाती घाटी के विकास का खाका तैयार करने की पहल हुई है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह योजना कब धरातल पर उतरेगी और इसका लाभ स्थानीय लोगों तक किस तरह पहुंचेगा.
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